ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
रायपुर

नगरीय निकायों में प्रशासकों की होगी तैनाती, महापौर और जोन अध्यक्ष पद रहेंगे प्रभावहीन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही होने वाले नगरीय निकाय चुनावों के मद्देनजर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रदेश के 14 नगर निगमों में से 10 नगर निगमों के मेयर और सभापति का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। ऐसे में नगरीय प्रशासन विभाग ने इन नगर निगमों के संचालन के लिए प्रशासकों की तैनाती का आदेश जारी किया है।

नए आदेश के तहत, रायपुर नगर निगम का प्रशासक रायपुर कलेक्टर होगा। इसी प्रकार, अन्य नगर निगमों—राजनांदगांव, बस्तर, बिलासपुर, धमतरी, दुर्ग, रायगढ़, मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी, अंबिकापुर और कोरबा—के प्रशासक संबंधित जिलों के कलेक्टर होंगे।

महापौर और जोन अध्यक्ष के पद प्रभावहीन
इस बदलाव के चलते इन नगर निगमों में महापौर और जोन अध्यक्ष जैसे पद अब प्रभावहीन हो जाएंगे। कलेक्टर प्रशासक के रूप में निगमों के सभी निर्णय लेने और कामकाज की देखरेख करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। यह व्यवस्था आगामी नगरीय निकाय चुनावों तक लागू रहेगी।

प्रशासनिक कामकाज की निगरानी
राज्य सरकार के इस कदम का उद्देश्य चुनाव से पहले नगर निगमों की कार्यप्रणाली को सुचारु बनाए रखना है। प्रशासकों की नियुक्ति से निगमों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

चुनावी प्रक्रिया की तैयारी
सरकार का यह निर्णय नगरीय निकाय चुनावों की तैयारी का संकेत देता है। चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा जल्द होने की संभावना है, जिसके बाद नई प्रशासनिक संरचना लागू होगी।

इस अधिसूचना के जारी होने के बाद निगमों के सभी महत्वपूर्ण निर्णय और कार्यों की जिम्मेदारी अब कलेक्टरों के पास होगी। इससे स्थानीय प्रशासन पर नियंत्रण मजबूत होने और नागरिक सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button