ईश्वर की अनमोल कृति हैं महिलाएं : अरुण साव

रायपुर/बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि महिलाएं ईश्वर की अनुपम कृति हैं। ईश्वर ने उन्हें विशेष शक्तियां और क्षमताएं दी हैं। महिलाओं ने अपनी लगन, मेहनत और काबिलियत से हर क्षेत्र में अपना स्थान बनाया है और निरंतर उपलब्धियां हासिल की हैं। माताओं और बहनों का सम्मान हमारी संस्कृति और परंपरा में प्राचीन काल से विशेष स्थान रखता है।
उप मुख्यमंत्री साव ने ये विचार रायपुर के शासकीय मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर स्वच्छता, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वच्छता दीदियों, महिला हितग्राहियों और स्वसहायता समूहों की महिलाओं को सम्मानित किया गया।

समारोह में उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय निकायों में हर महीने स्वच्छता के आंकलन के लिए छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता दीदियों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए 15 दिनों के विशेष शिविर आयोजित करने की घोषणा भी की। ये शिविर 14 मार्च से लगाए जाएंगे।
कार्यक्रम में प्रदेशभर से आई स्वच्छता दीदियां, महिला हितग्राही और स्वसहायता समूहों की महिलाएं उत्साह के साथ शामिल हुईं। इस दौरान प्रसिद्ध लोक गायिकाएं गरिमा दिवाकर और स्वर्णा दिवाकर द्वारा प्रस्तुत फाग गीतों पर महिलाएं झूमती नजर आईं।
महिलाओं को संबोधित करते हुए साव ने कहा कि जीवन में कभी निराश होने की जरूरत नहीं है। महिलाएं संघर्ष और करूणा की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने कहा कि देश में अनेक अवसरों पर नारी शक्ति ने ममता, तपस्या, त्याग और बलिदान की अनूठी मिसालें पेश की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बने, उज्ज्वला योजना से रसोई गैस कनेक्शन मिले और जल जीवन मिशन से महिलाओं की दिनचर्या में बड़ा बदलाव आया है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘वीमेन फॉर ट्री’ जैसी पहल ने महिलाओं के सम्मान को और बढ़ाया है।
साव ने बताया कि छत्तीसगढ़ के शहरों में स्वीकृत 2 लाख 44 हजार प्रधानमंत्री आवासों में से 1 लाख 77 हजार आवास महिलाओं के नाम स्वीकृत हैं। वहीं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत राज्य की 70 हजार महिला स्ट्रीट वेंडर्स को 88 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण दिलाया गया है। उन्होंने कहा कि माता बच्चे की प्रथम शिक्षक होती है और भावी पीढ़ी को अच्छे संस्कार, शिक्षा और दिशा देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर है।
रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर राज्य और शहरों को जो प्रतिष्ठा मिलती है, उसमें महिलाओं के कार्यों का बड़ा योगदान है। उन्होंने समारोह के आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री अरुण साव का आभार व्यक्त किया।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने स्वागत भाषण में कहा कि विभाग के कार्यों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। स्वच्छता दीदियों, स्वसहायता समूहों और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में उनका योगदान सराहनीय है।
इस अवसर पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक आर. एक्का, रायपुर नगर निगम आयुक्त विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ शशांक पाण्डेय सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
महिलाओं का किया गया सम्मान
समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों की स्वच्छता दीदियों के प्रतिनिधि के रूप में बिलासपुर की रामेश्वरी सागर, कुम्हारी की मंजू देवांगन, बिल्हा की संपति यादव, अंबिकापुर की संगीता गुप्ता, विश्रामपुर की भारती गुप्ता और पाटन की लता मंडलेश को सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने वाली मांडवी कौशिक, बिमला साहू, त्रिवेणी साहू, राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित सुमन तिर्की, तथा ‘वीमेन फॉर ट्री’ में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पल्लवी विजय क्षत्री, दुर्गा राजपूत और प्रभा यादव को भी सम्मानित किया गया।
उप मुख्यमंत्री साव ने प्रधानमंत्री आवास का निर्माण समय पर पूरा करने पर रायपुर की रजनी ध्रुव, कुम्हारी की गीता पाल और बीरगांव की पलक देवांगन को 32 हजार 850 रुपए के चेक प्रदान किए। वहीं प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रायपुर नगर निगम की स्ट्रीट वेंडर्स लक्ष्मी साहू, रत्ना दीप और बी. लावण्या को 50-50 हजार रुपए के चेक भी वितरित किए गए।














