नागपुर में औरंगजेब की कब्र को लेकर हिंसक विवाद, कर्फ्यू लागू

नागपुर | महाराष्ट्र के नागपुर में औरंगजेब की कब्र को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया है, जिसके बाद पथराव, आगजनी और पुलिस पर हमले की घटनाएं सामने आईं। यह घटना नागपुर के महाल इलाके में हुई, जहां दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई।






हिंसा के बाद पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग करना पड़ा। इस हिंसा में 11 लोग घायल हुए, जिनमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए नागपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।



मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शांति बनाए रखने की अपील की और जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की बात की। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस घटना को पूर्व नियोजित साजिश करार दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

हिंसा को लेकर पुलिस और हिंदू संगठनों का प्रतिक्रिया
हिंसा के बाद हिंदू संगठनों ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किए। नागपुर में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने औरंगजेब का पुतला जलाया, जिसमें कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसका वीडियो वायरल होने के बाद स्थितियां और बिगड़ीं। सोमवार रात करीब 8:30 बजे महाल इलाके में उपद्रवियों ने पथराव किया, वाहनों में आग लगाई और पुलिसकर्मियों पर हमला किया। DCP निकेतन कदम पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया, जिससे वे घायल हो गए।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और कर्फ्यू
नागपुर पुलिस कमिश्नर रविंद्र सिंघल ने बताया कि शांति बहाल करने के लिए शहर में धारा 163 लागू कर दी गई है, जो कि आईपीसी की धारा 144 के समान है। पुलिस की 20 टीमें तैनात की गई हैं और अब तक 55 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के साथ बैठक की और उन्हें इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। वहीं, छत्रपति संभाजीनगर में औरंगजेब की कब्र पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, और SP ने SRPF की एक कंपनी और दो प्लाटून तैनात करने की जानकारी दी।