दुर्ग में अपराधियों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर: बॉन्ड ओवर तोड़ा तो जुर्माना और जेल तय!

दुर्ग। जिले में लगातार अपराधों पर लगाम कसने के लिए दुर्ग पुलिस प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए एक नई पहल शुरू की है। अब जिले के गुंडा-बदमाश एवं निगरानी बदमाशों से “बॉन्ड ओवर” यानी अपराध न करने का लिखित एग्रीमेंट भरवाया जा रहा है। यह कानूनी अनुबंध इस शर्त पर आधारित है कि यदि निर्धारित अवधि में अपराधी कोई नया अपराध करता है, तो उसे आर्थिक दंड भुगतना होगा अथवा जेल की हवा खानी पड़ेगी।
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने बताया कि जिले के 23 थानों एवं 6 चौकियों में कुल 780 गुंडा-बदमाश एवं निगरानी बदमाश चिन्हित किए गए हैं। इनमें से अब तक लगभग 330 बदमाशों से अपराध न करने का बॉन्ड भरवाया जा चुका है, जो कुल चिन्हित बदमाशों का करीब 75.24 प्रतिशत है।
निगरानी बदमाशों के खिलाफ 56.60 प्रतिशत प्रतिवेदन एसडीएम को भेजे जा चुके हैं। बॉन्ड ओवर के तहत बदमाशों के हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं, जिनमें स्पष्ट किया गया है कि यदि वे शर्तों का उल्लंघन करते हैं तो तयशुदा राशि एसडीएम कोर्ट में जमा करनी होगी। राशि नहीं भरने की स्थिति में उन्हें जेल भेजा जाएगा।
अब तक तीन ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें अपराधियों ने बॉन्ड भरने के बावजूद पुनः अपराध किया, जिसके चलते उनकी जमा राशि जब्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इनमें से एक बदमाश ने पद्मनाभपुर थाने में अपनी बॉन्ड राशि जमा कर दी है।
एसएसपी विजय अग्रवाल ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने क्षेत्रों के सक्रिय बदमाशों से यह बॉन्ड अनिवार्य रूप से भरवाया जाए। इस कदम का उद्देश्य है कि आर्थिक दंड के भय से अपराधी अपराधिक गतिविधियों से दूर रहें और जिले में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।
दुर्ग पुलिस की यह सख्ती जिले में अपराधियों के लिए बड़ा संदेश है कि अब अपराध किया तो सीधे जेब पर पड़ेगा भारी असर।














