ब्रेकिंग
साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट दुर्ग में अंधे कत्ल का खुलासा: महिला की हत्या के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म की कोशिश नाकाम... सी.जी. सुपरफास्ट न्यूज़ के संपादक सुरेश गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को दी जन्मदिन की शुभकामना... राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 का भव्य आयोजन, नए शिक्षा सत्र का हुआ शुभारंभ सी.जी. सुपरफास्ट न्यूज़ के संपादक सुरेश गुप्ता ने इन्द्रजीत सिंह 'छोटू' को जन्मदिन की दी हार्दिक शुभ...
छत्तीसगढ़बीजापुर

बीजापुर के जंगलों में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन – कई नक्सलियों के मारे जाने की आशंका

बीजापुर। जिले के रीमल्ल और अन्नारम के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच बुधवार से शुरू हुई मुठभेड़ गुरुवार को भी जारी है। सूत्रों के अनुसार अब तक तीन नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के हताहत होने की संभावना जताई जा रही है। इलाके में लगातार गोलियों की आवाजें गूंज रही हैं, जिन्हें आस-पास के गांवों तक सुना जा सकता है।

जानकारी के मुताबिक डीआरजी, सीआरपीएफ और एसटीएफ की संयुक्त टीम को सूचना मिली थी कि इस क्षेत्र में नक्सली लीडर पापा राव और केंद्रीय समिति सदस्य गणेश उइके की मौजूदगी है। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया, जिस दौरान नक्सलियों ने घात लगाकर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में कई नक्सली ढेर हो गए।

बीजापुर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र यादव ने बताया कि क्षेत्र में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “स्थिति को देखते हुए अभियान अगले दो दिनों तक जारी रह सकता है। मारे गए नक्सलियों की संख्या और पहचान ऑपरेशन समाप्त होने के बाद स्पष्ट की जाएगी।”

बीजापुर जिला अभी भी नक्सल गतिविधियों का मजबूत गढ़ माना जाता है। यहां की कठिन भौगोलिक स्थिति, घने जंगल और तेलंगाना–महाराष्ट्र की सीमा से जुड़ा इलाका नक्सलियों को सुरक्षित ठिकाने प्रदान करता है। इसी कारण सुरक्षाबलों ने मानसून के बाद “ऑपरेशन 2026” की शुरुआत बीजापुर से की है। यह अभियान नक्सल उन्मूलन की दिशा में सबसे बड़ा प्रयास माना जा रहा

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button