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दुर्ग अफीम खेती केस में पूर्व भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को जमानत, FIR रद्द कराने की याचिका खारिज CG Weather Alert: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, 11 जिलों में ऑरेंज चेतावनी; आंधी-बिजली को लेकर ... शेयर ट्रेडिंग में अधिक मुनाफे का लालच देकर 2 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी, रिपोर्ट के चंद घंटों म... भिलाई में चापड़ लहराकर दहशत फैलाने वाला आरोपी दबोचा, पुलिस ने हथियार किया बरामद वन संरक्षण के साथ वनवासियों की समृद्धि, रोजगार, वन्यजीव संरक्षण और तकनीक आधारित वन प्रबंधन पर जोर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से भटगांव विधानसभा को बड़ी सौगात, बुंदिया और बड़सरा में खुलेंगे नए ... राष्ट्रपति से भेंट कर लौटे प्रतिभावान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाक... एक्शन टेसा ने 'टेसा सलाम' के साथ मनाया कारपेंटर्स मेगा मीट रायपुर के नंदनवन का 50 करोड़ से होगा कायाकल्प पूर्व CM भूपेश बघेल के PA के.के. चंद्रवंशी के घर ED की दबिश, पुरानी भिलाई में सुबह-सुबह पहुंची टीम
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दुर्ग अफीम खेती केस में पूर्व भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को जमानत, FIR रद्द कराने की याचिका खारिज

दुर्ग। दुर्ग में कथित अफीम की खेती के मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। करीब 5 एकड़ जमीन पर अफीम की कथित अवैध खेती से जुड़े इस केस में पूर्व भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। मंगलवार को चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए उन्हें निर्धारित शर्तों के साथ जमानत देने का आदेश दिया।

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान माना कि कार्रवाई के समय विनायक ताम्रकार मौके पर मौजूद नहीं थे। साथ ही उनके कब्जे से किसी भी तरह का मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट ने उन्हें कुछ शर्तों के साथ जमानत देने का फैसला किया।

दुर्ग नहीं छोड़ने की शर्त
जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने विनायक ताम्रकार को जांच में सहयोग करने और मामले से जुड़े गवाहों को प्रभावित नहीं करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्हें दुर्ग जिला नहीं छोड़ने की शर्त भी लगाई गई है।

कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि मामले की पुलिस जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस की ओर से 29 जुलाई को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है।

सह आरोपियों को भी मिल चुकी है जमानत
इसी मामले में सह आरोपी सुखराम विश्नोई और मदरूपा राम विश्नोई को भी इससे पहले 31 जुलाई को जमानत मिल चुकी है। मामले की जांच पूरी होने और आरोप पत्र दाखिल होने समेत अन्य परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने विनायक ताम्रकार को भी जमानत देने का निर्णय लिया।

FIR और आरोप पत्र रद्द करने की मांग खारिज
हालांकि, पूर्व भाजपा नेता को दूसरी याचिका में राहत नहीं मिली। उन्होंने अफीम की कथित खेती से जुड़े मामले में दर्ज FIR और दाखिल आरोप पत्र को रद्द करने की मांग की थी।

हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस स्तर पर मामले में मौजूद सबूतों की विस्तृत जांच कर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। कोर्ट के मुताबिक, ऐसा करना मामले की सुनवाई से पहले ही पूरे प्रकरण की जांच करने जैसा होगा।

इस तरह हाईकोर्ट ने एक तरफ विनायक ताम्रकार को जमानत देकर राहत दी, वहीं FIR और आरोप पत्र रद्द करने की मांग को स्वीकार नहीं किया।

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