
दुर्ग। थाना सुपेला पुलिस ने जमीन की कूटरचना कर धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए पिछले 5 वर्षों से फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर जमीन के दस्तावेजों में कूटरचना कर अवैध रूप से अपने नाम नामांतरण कराया था।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 14 जनवरी 2021 को आवेदक विजय कुमार पिता बालेश्वर प्रसाद (उम्र 57 वर्ष) निवासी क्वार्टर नंबर बी/7, स्टाफ कॉलोनी, आदित्यपुरम सावा शंभुपुरा रोड, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) ने अपनी पत्नी मंजू विजय कुमार के साथ थाना सुपेला में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उन्होंने वर्ष 1994 में पटवारी हल्का नंबर 14, खसरा नंबर 2628/14, प्लॉट नंबर 93 बी (216 वर्गमीटर) जमीन गृहनिर्माण सहकारी समिति से खरीदी थी।
वर्ष 2020 में ऑनलाइन जांच करने पर उन्हें पता चला कि उक्त जमीन उनके नाम पर दर्ज नहीं है। जांच में सामने आया कि राजू खान, बलदेव सिंह भांबरा एवं अन्य आरोपियों ने धोखाधड़ी कर जमीन को किसी अन्य के नाम रजिस्ट्री कार्यालय से नामांतरण करवा दिया।
इस प्रकरण में पुलिस द्वारा चार आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। वहीं आरोपी मलेश्वर उर्फ मालेश राव घटना के बाद से फरार था, जिसके कारण उसके विरुद्ध धारा 173(8) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
लगातार तलाश के बाद सुपेला पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान आरोपी के घर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को 15 दिसंबर 2025 को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मामले में अपराध क्रमांक 37/2021 दर्ज है, जिसमें आरोपी के विरुद्ध धारा 420, 419, 467, 468, 471 एवं 34 भादवि के तहत कार्रवाई की गई है।
इस सफल कार्रवाई में निरीक्षक विजय कुमार यादव, थाना सुपेला के सहायक उप निरीक्षक संतोष मिश्रा, प्रधान आरक्षक योगेश चंद्राकर एवं आरक्षक सूर्यप्रताप सिंह का सराहनीय योगदान रहा।
आरोपी का नाम-पता:
मलेश्वर उर्फ मालेश राव, पिता सिमादी राव, उम्र 35 वर्ष, निवासी कृष्णा नगर चौक, सरकारी स्कूल के पास, थाना सुपेला, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)।














