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छत्तीसगढ़

पीएम जनमन आवास से जीवन में आई नई रोशनी

रायपुर |  छत्तीसगढ़ राज्य के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना किसी संजीवनी से कम नहीं है। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के बचरा-पोड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत गढ़तर में रहने वाली सुकबरिया के जीवन में इस योजना ने बड़ा बदलाव लाया है। कच्चे और जर्जर मकान में डर-डरकर जीवन बिताने वाला यह परिवार अब पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून की नींद ले रहा है।

सुकबरिया अपने पति सुखलाल और तीन बच्चों के साथ एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखती हैं। परिवार की आय मुख्य रूप से दूसरों के खेतों में मजदूरी और सीमित कृषि पर निर्भर थी। मौसम पर आधारित आय और मनरेगा के सीमित कार्यों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए असंभव जैसा था। करीब 40 डिस्मिल जमीन पर बने कच्चे घर में यह परिवार वर्षों तक रहा। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और घर में पानी भर जाना जैसी समस्याएं हर साल उनकी चिंता बढ़ा देती थीं। ऐसे में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।

योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की सहायता मिली। साथ ही मनरेगा के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी का लाभ लेकर परिवार ने स्वयं श्रमदान कर अपना पक्का घर तैयार किया। अब यह परिवार सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन जी रहा है।सुकबरिया बताती हैं कि अब दिनभर मेहनत के बाद रात को चैन से सो पाना संभव हुआ है। उनका कहना है कि पक्का मकान कभी सपना था, जो अब हकीकत बन चुका है।

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