
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान H1N1 के 10 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। इसके साथ ही राज्य में स्वाइन फ्लू के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 115 हो गई है। इनमें से 28 मरीज फिलहाल एक्टिव हैं और उनका उपचार जारी है।
राजधानी रायपुर में संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसके अलावा दुर्ग, बिलासपुर, रायगढ़ और सरगुजा सहित कई जिलों में भी H1N1 के नए मरीज मिले हैं। वहीं, तीन ऐसे जिलों में भी पहली बार संक्रमण की पुष्टि हुई है, जहां अब तक स्वाइन फ्लू का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था।
रायपुर में सबसे ज्यादा केस, 3 नए संक्रमित
रायपुर में पिछले 24 घंटे में 3 नए H1N1 मरीज मिले हैं। इसके बाद जिले में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 54 हो गई है। इनमें 9 मरीज एक्टिव हैं। प्रदेश में स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा मामले राजधानी रायपुर में ही दर्ज किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग संक्रमित मरीजों की लगातार निगरानी कर रहा है और आवश्यकता के अनुसार उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
दुर्ग में 3 और रायगढ़ में 2 नए मामले
दुर्ग जिले में भी H1N1 संक्रमण के 3 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 10 हो गई है, जबकि 5 मरीज एक्टिव हैं।
रायगढ़ में 2 नए मरीजों की पुष्टि हुई है। यहां कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। इनमें 4 मरीजों का इलाज चल रहा है।
बिलासपुर और सरगुजा में भी नए मरीज
बिलासपुर में एक नया H1N1 संक्रमित मिलने के बाद जिले में कुल मामलों की संख्या 13 हो गई है। इनमें 3 एक्टिव मरीज हैं।
सरगुजा में भी एक नए मरीज की पुष्टि हुई है। इसके बाद जिले में स्वाइन फ्लू के कुल मामले 3 हो गए हैं, जिनमें एक मरीज एक्टिव है।
तीन जिलों में पहली बार सामने आया संक्रमण
H1N1 संक्रमण अब प्रदेश के नए इलाकों में भी पहुंच रहा है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, बलौदाबाजार-भाटापारा और उत्तर बस्तर कांकेर में पहली बार एक-एक H1N1 संक्रमित मरीज मिला है।
इन तीनों जिलों में मिले मरीज फिलहाल एक्टिव हैं। नए क्षेत्रों में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और रोकथाम की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
धमतरी, कोरबा और बेमेतरा में भी मरीज
धमतरी में अब तक 7 संक्रमित मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें 4 एक्टिव हैं। कोरबा में कुल 5 मरीजों की पुष्टि हुई है, जबकि एक मरीज फिलहाल उपचाराधीन है।
बेमेतरा में अब तक 3 संक्रमित मिले हैं, जिनमें एक एक्टिव केस है। बस्तर में भी 2 मरीज सामने आए हैं।
इसके अलावा गरियाबंद, दंतेवाड़ा, जशपुर, महासमुंद, एमसीबी, जांजगीर-चांपा, राजनांदगांव और सूरजपुर में एक-एक मरीज की पुष्टि हुई है। इन जिलों में संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की जानकारी सामने आई है।
रायपुर सेंट्रल जेल का अधिकारी भी H1N1 पॉजिटिव
रायपुर सेंट्रल जेल में पदस्थ एक अधिकारी के H1N1 पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारी का उपचार रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, अधिकारी परिवार के साथ कांकेर गए थे। वापस लौटने के बाद उन्हें सर्दी, बुखार और सांस लेने में परेशानी हुई। जांच कराने पर H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने उनके परिवार के सदस्यों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई। परिवार के अन्य सदस्यों के स्वस्थ पाए जाने की जानकारी दी गई है।
इन जिलों में अभी तक नहीं मिला एक भी केस
प्रदेश के कुछ जिलों में फिलहाल स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। इनमें बीजापुर, कबीरधाम, बालोद, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलरामपुर-रामानुजगंज, सक्ती, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कोंडागांव, कोरिया, नारायणपुर, मुंगेली, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और सुकमा शामिल हैं।
हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में संक्रमण बढ़ने के कारण इन जिलों में भी सावधानी और सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बुखार और खांसी जैसे लक्षणों को न करें नजरअंदाज
H1N1 संक्रमण होने पर बुखार, खांसी, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि ये लक्षण लगातार बने रहें या स्वास्थ्य बिगड़ता महसूस हो तो समय पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचना चाहिए।
खांसने और छींकने से फैल सकता है H1N1
H1N1 संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने के दौरान निकलने वाली सांस की बूंदों के संपर्क में आने से संक्रमण फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के बेहद करीब रहने पर भी संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
ऐसे में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। संक्रमण की पुष्टि होने पर डॉक्टर के निर्देश के अनुसार उपचार और आवश्यक सावधानियों का पालन करना चाहिए।














