गणेश उत्सव को लेकर दुर्ग पुलिस की तैयारी तेज, 50 से अधिक गणेश पंडाल समितियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, यातायात, ध्वनि नियंत्रण एवं विसर्जन व्यवस्था के निर्देश

दुर्ग, 29 अगस्त 2026। आगामी गणेश उत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए दुर्ग पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिले के 50 से अधिक मध्यम और बड़े गणेश पंडाल समितियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, ध्वनि नियंत्रण और विसर्जन व्यवस्था को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल, सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहर, सीएसपी भिलाई नगर निशांत पाठक और सीएसपी छावनी प्रशांत सिंह पैकरा सहित पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
पंडालों में CCTV और सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य
पुलिस ने समितियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों, प्रवेश-निकास द्वार, मुख्य मूर्ति स्थल, पार्किंग और वेटिंग एरिया में पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। रात के समय पंडाल और मूर्ति की सुरक्षा के लिए समिति के कम से कम दो सदस्यों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग प्रवेश-निकास और कतार की व्यवस्था करने के साथ पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष सुरक्षा गार्ड या वॉलेंटियर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सड़क पर नहीं बनेगा पंडाल या पार्किंग
पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में सड़क या आवागमन के मार्ग को बाधित कर पंडाल या पार्किंग नहीं बनाई जाएगी। समितियों को पहले से पार्किंग स्थल चिन्हित कर व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, अनधिकृत पार्किंग शुल्क वसूली पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
झूला, मनोरंजन उपकरण या झांकी में तकनीकी मशीनरी का उपयोग करने वाली समितियों को संबंधित विभाग से तकनीकी प्रमाण-पत्र प्राप्त कर संबंधित थाने में उपलब्ध कराने को कहा गया है।
फायर और इलेक्ट्रिसिटी ऑडिट जरूरी
प्रत्येक पंडाल में फायर ऑडिट, सुरक्षा ऑडिट और इलेक्ट्रिसिटी ऑडिट कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा पंडाल में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, रेत और पानी की व्यवस्था रखने को कहा गया है।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर या ध्वनि विस्तारक यंत्र का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। निर्धारित ध्वनि मानकों का उल्लंघन करने पर उपकरण जब्त करने समेत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विसर्जन के लिए तय किए गए नियम
गणेश विसर्जन के दौरान समितियों को पुलिस द्वारा निर्धारित मार्ग का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। निर्धारित मार्ग के अलावा किसी अन्य रास्ते से विसर्जन झांकी ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रत्येक विसर्जन झांकी में अधिकतम 3 वाहन रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिनमें गणेश वाहन, झांकी वाहन और जनरेटर/डीजे वाहन शामिल हैं। झांकी की अधिकतम ऊंचाई 15 फीट निर्धारित की गई है। प्रत्येक झांकी में कम से कम 8 वॉलेंटियर रखना अनिवार्य होगा और उनकी सूची पहले से पुलिस को उपलब्ध करानी होगी।
विसर्जन के दौरान हथियार, भाला, तलवार, डंडा अथवा अन्य शस्त्र और नकली तलवार रखने पर प्रतिबंध रहेगा। झांकी और कार्यक्रम के दौरान केवल धार्मिक गीतों की अनुमति होगी। अश्लील, आपत्तिजनक या अप्रिय गीतों के इस्तेमाल पर कार्रवाई की जाएगी।
नशे और जबरन चंदा वसूली पर सख्ती
दुर्ग पुलिस ने गणेश पंडाल और विसर्जन झांकी के दौरान नशे का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित किया है। वहीं, जबरन चंदा वसूली की शिकायत मिलने पर संबंधित व्यक्ति के साथ मामले में संलिप्त समिति के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने समितियों से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सूचना कम से कम एक दिन पहले संबंधित थाने को देने को कहा है, ताकि आवश्यकता के अनुसार पुलिस बल की व्यवस्था की जा सके।
पुलिस ने की सहयोग की अपील
दुर्ग पुलिस ने गणेश उत्सव समितियों और आम नागरिकों से अपील की है कि धार्मिक आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यातायात व्यवस्था, ध्वनि मानकों, सुरक्षा और विसर्जन के निर्धारित मार्ग का पालन करने में पुलिस का सहयोग करें।
पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विवाद या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या पुलिस को दी जाए।














