
दुर्ग। सितंबर में आई बाढ़ के दौरान संकट में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत-बचाव कार्य में अहम भूमिका निभाने वाले दुर्ग पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस टीम के साहस, तत्परता और सेवा कार्यों की सराहना की। 25 और 26 सितंबर को जिले में भारी बारिश के कारण कई गांवों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बन गई थी।
बाढ़ के कारण कई स्थानों पर आवागमन बाधित हो गया था और अनेक नागरिक प्रभावित क्षेत्रों में फंस गए थे। ऐसे मुश्किल हालात में दुर्ग पुलिस ने प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया और लोगों को सुरक्षित निकालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इन गांवों में चलाया गया राहत एवं बचाव अभियान
पुलगांव थाना क्षेत्र के ग्राम भरदा, पीसेगांव, पुलगांव और भावभूमि में बाढ़ तथा ओवरफ्लो के कारण फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस टीम ने सक्रियता से काम किया। वहीं, अंजोरा चौकी क्षेत्र के ग्राम चगोरी, थनौद और महमरा में भी बाढ़ में फंसे नागरिकों की मदद के लिए पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद पुलिस बल ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राहत एवं बचाव कार्य जारी रखा। इन प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री ने संबंधित पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए उन्हें पुरस्कृत किया।
इन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मिला सम्मान
थाना पुलगांव
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उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधू, थाना प्रभारी
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सहायक उप निरीक्षक सुभाष साहू
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आरक्षक क्रमांक 1426 हेमेंद्र कुर्रे
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आरक्षक क्रमांक 1160 हरिश्चंद्र सिन्हा
चौकी अंजोरा क्षेत्र
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उप निरीक्षक चंद्रशेखर सोनी
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आरक्षक क्रमांक 792 चंद्रभान यादव
थाना कुम्हारी
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उप निरीक्षक पारस सिंह ठाकुर, थाना प्रभारी
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश और बाढ़ के दौरान सतर्क रहें। बाढ़ग्रस्त सड़कों, उफनते नालों और तेज बहाव वाले पानी से गुजरने का जोखिम न उठाएं। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस या संबंधित राहत एजेंसियों को तत्काल सूचना दें और प्रशासन के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
पुलिस ने कहा कि आपदा की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए दुर्ग पुलिस सदैव तत्पर है।

















