ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
दुर्ग

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने विश्व जल दिवस पर जल संरक्षण की अपील की

दुर्ग। दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर ने विश्व जल दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से जल संरक्षण अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन है और जीवन का आरंभ जल से हुआ है। जल का सतत प्रवाह ही जीवन की निरंतरता का आधार है।

विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि आज जब दुनिया जल संकट की ओर बढ़ रही है, तब यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम जल की प्रत्येक बूँद को संजोएं। उन्होंने बताया कि हर साल 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य जल के महत्व और उसके संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।

उन्होंने राज्य सरकार द्वारा जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। श्री चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संरक्षण को अपनी प्राथमिकताओं में रखते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। राज्य में जन-भागीदारी के माध्यम से जल संचय को बढ़ावा दिया जा रहा है, साथ ही जल प्रदूषण नियंत्रण और जल संसाधनों के पुनर्जीवन के लिए भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने धमतरी जिले में आयोजित ‘जल-जागर महोत्सव’ का उदाहरण दिया, जो जल संरक्षण के प्रति स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से प्रेरित था।

विधायक ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, अनियंत्रित जल दोहन और प्रदूषण के कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है, जिसे सामूहिक प्रयासों से ही हल किया जा सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जल की हर बूँद को सहेजने का संकल्प लें और इसके महत्व को जन-जन तक पहुँचाएँ।

अंत में, विधायक ने प्रदेशवासियों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने आसपास के नल से बह रहे पानी को व्यर्थ न जाने दें और नल की टोटी स्वयं बंद करें, ताकि जल का बचाव हो सके और आने वाली पीढ़ियाँ भी जल-समृद्ध भविष्य का लाभ उठा सकें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button