मंत्रिमंडल व आयोगों में यादव समाज को प्रतिनिधित्व न मिलने पर फूटा आक्रोश, चेताया—जून में होगा सीएम निवास घेराव

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में मंत्रीमंडल, निगम एवं मंडलों में यादव समाज को प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से समाज में गहरा रोष है। दुर्ग जिले में छत्तीसगढ़ यादव (ठेठवार) महासभा के बैनर तले समाज के सैकड़ों लोगों ने जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि अगर शीघ्र ही संख्या बल के अनुसार यादव समाज को सत्ता में भागीदारी नहीं दी गई तो मुख्यमंत्री निवास व भाजपा कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
इस दौरान गौसेवा आयोग व दुग्ध महासंघ जैसे परंपरागत रूप से यादव समाज से जुड़े पदों पर अन्य जातियों की नियुक्ति को लेकर भी जमकर विरोध किया गया और नारेबाजी की गई। समाज ने कहा कि छत्तीसगढ़ में यादव समाज संख्या बल के अनुसार दूसरे स्थान पर है, बावजूद इसके उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
समाज की प्रमुख मांगें:
गौसेवा आयोग और दुग्ध महासंघ के अध्यक्ष पद पर यादव समाज की नियुक्ति
मंत्रिमंडल व अन्य सत्ता-संस्थाओं में संख्यात्मक भागीदारी के अनुसार प्रतिनिधित्व
सरकार की समावेशी नीति का पालन
यादव समाज के प्रांताध्यक्ष गुलेन्द्र यादव ने कहा कि “छत्तीसगढ़ में यादव समाज लंबे समय से कृषि, व्यापार, समाजसेवा और राजनीति में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, फिर भी सत्ता में प्रतिनिधित्व न मिलना सामाजिक अन्याय है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पैतृक व्यवसायों से जुड़ी संस्थाओं में संबंधित समाजों को प्रतिनिधित्व देने की परंपरा रही है, तो गौसेवा व दुग्ध व्यवसाय में सबसे अधिक जुड़े रहने के बावजूद यादवों को बाहर रखना दुर्भाग्यपूर्ण है।
आंदोलन की चेतावनी:
यदि जून माह तक समाज की मांगें नहीं मानी गईं तो यादव समाज सीएम निवास और भाजपा कार्यालय के घेराव के लिए सड़कों पर उतरेगा।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख नाम:
गुलेन्द्र यादव, रिवेन्द्र यादव, रमनलाल यादव, मुकेश यादव, गोविंदा लखन यादव, राजकुमार यादव, ईश्वर यादव, नरेन्द्र यदु, उमाशंकर यादव, अशोक यादव, बलराम यादव, आशीष यादव, सत्येन्द्र यादव, अनिकेत यादव, बीरेन्द्र यदु, गुलशन यादव, गजेंद्र यादव, सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।














