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छत्तीसगढ़

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उठाई मांगों की झोली: दुर्ग कलेक्टर को सौंपा 8 सूत्रीय मांग पत्र

दुर्ग |  छत्तीसगढ़ जुझारू आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका कल्याण संघ (पंजीयन क्रमांक 5899) ने मंगलवार को जिला कलेक्टर दुर्ग को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की विभिन्न समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। संघ की जिला अध्यक्ष गीता बाग के नेतृत्व में संगठन की पदाधिकारी एवं सदस्यों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी 8 प्रमुख मांगों को रखा।

संघ की प्रांतीय अध्यक्ष  पद्मावती साहू ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं वर्षों से समाज के निचले पायदान तक सेवा दे रही हैं, लेकिन आज भी उन्हें शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने मांग की कि मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि की जाए। साथ ही सेवा समाप्ति पर 10 लाख रुपये की राशि प्रदान करने की भी मांग की गई है।

मुख्य मांगें इस प्रकार रहीं:

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए और तब तक प्रतिवर्ष 10% मानदेय वृद्धि दी जाए।
  • पर्यवेक्षक भर्ती तत्काल की जाए और 50% पदोन्नति में आयु सीमा हटाई जाए।
  • पोषण ट्रेकर एप हेतु 5G मोबाइल, नेट खर्च की व्यवस्था की जाए और कार्य के दबाव में मानदेय कटौती न की जाए।
  • सेवा समाप्ति पर कार्यकर्ता-सहायिका को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
  • गंभीर बीमारी की स्थिति में मेडिकल अवकाश के दौरान मानदेय जारी रखा जाए।
  • प्रभार में दी गई सेवाओं पर प्रोत्साहन राशि दी जाए।
  • महिला कोष से कार्यकर्ता-सहायिकाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाए।
  • ईंधन की राशि समय पर दी जाए तथा सभी केन्द्रों में सिलेंडर-चूल्हा मुहैया कराया जाए।

इसके अलावा संघ ने सुपोषण चौपाल और मातृत्व वंदना योजना की राशि नियमित देने, प्रशिक्षण के लिए दी जाने वाली राशि का उपयोग सुनिश्चित करने तथा सम्मान सुविधा प्रणाली बंद करने की मांग भी रखी।

संघ ने आरटीई के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के स्कूल में नामांकन पर भी आपत्ति जताई है, जिससे आंगनबाड़ी में बच्चों की संख्या घट रही है। इस पर ठोस निर्णय लेने की मांग की गई है।

ज्ञापन सौंपने वालों में उपाध्यक्ष सुनीता शुक्ला,  रेवती उमरे, कोषाध्यक्ष प्रभा कुवरे, कार्यकारिणी सचिव मोतीझरी चौहान, मीडिया प्रभारी संगीता वापा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता-सहायिकाएं मौजूद थीं।

प्रतिलिपि जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं समस्त परियोजना अधिकारियों को भी प्रेषित की गई है।

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