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NHM कर्मचारियों की हड़ताल हुई उग्र, अल्टीमेटम के विरोध में स्वास्थ्य भवन का घेराव

दुर्ग । छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर बीते 15 दिनों से जारी हड़ताल अब और उग्र हो गई है। मिशन प्रबंधन ने सोमवार को सभी हड़ताली कर्मचारियों को 24 घंटे के भीतर ड्यूटी पर लौटने का अंतिम अल्टीमेटम दिया था और चेतावनी दी थी कि अनुपालन न होने पर सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

इसी चेतावनी के विरोध में मंगलवार को हड़ताली कर्मचारियों ने संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं (स्वास्थ्य भवन) का घेराव किया। कर्मचारियों ने आदेश की प्रतियां फाड़कर जलाईं और कार्यालय के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर जमकर नारेबाजी की।

10 सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी

NHM कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, ग्रेड पे निर्धारण, 27% लंबित वेतन वृद्धि, CR सिस्टम में पारदर्शिता, रेगुलर भर्ती में सीटों का आरक्षण, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल व अन्य अवकाश की सुविधा, ट्रांसफर पॉलिसी और 10 लाख तक कैश-लेस मेडिकल इंश्योरेंस जैसी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।

स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

हड़ताल का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। जिला चिकित्सालय दुर्ग में टीबी मरीज दवा के लिए भटक रहे हैं। ईसीजी और खून की जांच बीएससी नर्सिंग छात्राओं के भरोसे चल रही है। टीबी ओपीडी, सोनोग्राफी, बाल रोग निदान केंद्र, एसएनसीयू और कुपोषित पोषण आहार केंद्र बंद पड़े हैं।

प्रबंधन का सख्त रुख

आयुक्त सह मिशन संचालक, NHM छत्तीसगढ़ ने स्पष्ट किया है कि यदि हड़ताली कर्मचारी तत्काल कार्यस्थल पर नहीं लौटते हैं तो उनकी सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है।

हड़ताल और अल्टीमेटम के बीच टकराव बढ़ने से राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर संकट में हैं।

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