ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा ममता बनर्जी को कड़ा पत्र प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल ईश्वर की अनुपम कृति हैं महिलाएं : उप मुख्यमंत्री अरुण साव 4.24 करोड़ के विज्ञापन पर घमासान, भूपेश सरकार के फैसले की जांच के संकेत
छत्तीसगढ़

दशहरा के बाद वाहनों के लिए नई चेतावनी, हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने पर होगी कार्रवाई,

रायपुर: राजधानी समेत छत्तीसगढ़ में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगवाने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ दशहरा के बाद ई-चालान भेजे जाएंगे। यह राज्य में इस तरह की पहली कार्रवाई होगी। परिवहन विभाग ने बताया कि लगातार अपील और चेतावनी के बावजूद वाहन मालिक नए नंबर प्लेट नहीं लगा रहे हैं, इसलिए यह कड़ा कदम उठाया जा रहा है।

जुर्माने की दर:

  • दोपहिया वाहन: 1,000 रुपये
  • चारपहिया वाहन: 2,000 रुपये
  • ट्रक/बस और भारी मालवाहक वाहन: 3,000 रुपये
  • ऑनलाइन चालान भेजने का काम दशहरा के बाद शुरू किया जाएगा।

नंबर प्लेट लगाने की धीमी रफ्तार:
त्योहारी सीजन के कारण नए नंबर प्लेट की ऑनलाइन बुकिंग 75 प्रतिशत तक घट गई है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, पहले रायपुर में रोजाना औसतन 4,000 नए नंबर प्लेट लगाए जा रहे थे, जो अब घटकर 800 रह गए हैं। राज्यभर में पहले लगभग 7,000 नंबर प्लेट रोजाना बदलती थीं, अब यह संख्या घटकर 2,500 के आसपास रह गई है। इस सुस्त रफ्तार से परिवहन विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं।

छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल 2025 से नंबर प्लेट बदलने का काम शुरू हुआ था। राज्यभर में कुल 52,48,476 नंबर प्लेट बदलने हैं, लेकिन अब तक केवल 10,52,343 प्लेट ही बदली जा सकी हैं, यानी सिर्फ 14.2 प्रतिशत। सड़क पर जुर्माना वसूलने के दौरान होने वाले विवाद के कारण यह तरीका अब बंद किया गया है।

अधिकारी और कंपनी की टिप्पणी:
आरटीओ रायपुर आशीष देवांगन ने बताया कि शिविरों और अन्य सुविधाओं के बावजूद लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं, इसलिए ई-चालान प्रणाली लागू की जा रही है। स्टेट हेड रियल मेजॉन कंपनी आशीष मिश्रा ने कहा कि पिछले एक माह में ऑर्डर 75 प्रतिशत घट गए हैं, इसलिए प्रशासन को ठोस सिस्टम लागू करना जरूरी हो गया है।

यह कदम राज्य में सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए अहम माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button