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सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता, धमतरी में इनामी महिला माओवादी कमांडर भूमिका ने डाले हथियार

धमतरी। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों को एक और अहम कामयाबी मिली है। धमतरी जिले में सक्रिय 5 लाख रुपये की इनामी महिला माओवादी कमांडर ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर उग्रवाद का रास्ता छोड़ दिया है। यह आत्मसमर्पण जिले में चलाए जा रहे निरंतर दबाव और राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का परिणाम माना जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाली महिला की पहचान भूमिका उर्फ गीता उर्फ सोमारी के रूप में हुई है। वह गोरीबा लोकल ऑर्गेनाइजेशन स्क्वाड (एलओएस) की कमांडर रह चुकी है और नगरी एरिया कमेटी में उसकी अहम भूमिका रही है। उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में कई गंभीर नक्सली मामलों में अपराध दर्ज हैं।

जानकारी के मुताबिक भूमिका वर्ष 2005 से माओवादी संगठन से जुड़ी हुई थी और लगभग दो दशकों तक संगठन के अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय रही। आत्मसमर्पण के दौरान उसने संगठन के भीतर असमानता, कठोर जीवनशैली और मानसिक दबाव को अपने फैसले का मुख्य कारण बताया।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों, बढ़ती घेराबंदी और सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। आत्मसमर्पण के पश्चात शासन की नीति के तहत उसे आर्थिक सहायता और पुनर्वास संबंधी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

पुलिस अधीक्षक ने इस आत्मसमर्पण को सुरक्षा बलों की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह घटना अन्य नक्सलियों के लिए भी स्पष्ट संदेश है कि हिंसा छोड़कर सामान्य सामाजिक जीवन की ओर लौटना संभव है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और भी उग्रवादी इस नीति से प्रेरित होकर आत्मसमर्पण करेंगे।

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