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प्रशासन पर सवाल: बालोद में आवारा कुत्तों के आतंक से ग्रामीणों में डर का माहौल

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक ही दिन में अलग-अलग गांवों में कुत्तों के हमलों से 10 ग्रामीण घायल हो गए। इनमें बच्चों के भी शामिल होने से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, नारागांव क्षेत्र में अचानक कुत्तों के झुंड ने कई लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें आठ ग्रामीण घायल हो गए। वहीं पास के नर्रा गांव में भी दो लोगों को आवारा कुत्तों ने काट लिया। अचानक हुए इन हमलों से गांवों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अपने बच्चों को घरों में बंद करने को मजबूर हो गए।

इलाज में आई मुश्किलें
घायल ग्रामीणों को तत्काल गुरूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन वहां जरूरी एंटी-रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा। हालात को देखते हुए कुछ घायलों को बालोद जिला अस्पताल भेजा गया, जबकि अन्य को बेहतर इलाज के लिए धमतरी रेफर किया गया। सभी घायलों का उपचार डॉक्टरों की निगरानी में जारी है।

ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन अलर्ट
घटना के बाद प्रशासन ने गांवों में सतर्कता बरतने की अपील की है। मुनादी के जरिए लोगों को सावधान किया जा रहा है कि वे बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और समूह में ही आवाजाही करें। वहीं ग्रामीणों में नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आवारा कुत्तों को पकड़ने और टीकाकरण जैसी स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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