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जेपीसी के मंच पर 130वें संवैधानिक संशोधन विधेयक पर चर्चा, बृजमोहन अग्रवाल की सक्रिय भागीदारी

रायपुर। संसद में आज 130वें संवैधानिक संशोधन विधेयक-2025 सहित उससे संबद्ध अन्य विधेयकों पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित संशोधनों के प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श करना और समिति के सदस्यों को विधेयक से जुड़ी तकनीकी तथा कानूनी जानकारियाँ उपलब्ध कराना रहा।

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने सहभागिता की। इस दौरान संवैधानिक संशोधन से जुड़े कानूनी ढांचे, उसके संभावित प्रभाव और व्यावहारिक पहलुओं पर गंभीर चर्चा की गई। विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किए गए विश्लेषणात्मक सत्रों में विधेयक की मंशा, उसके दूरगामी परिणाम और आवश्यक सुधारों पर प्रकाश डाला गया।

जेपीसी बैठक में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूडिशियल साइंसेज (NUJS), कोलकाता तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU), ओडिशा के विधि विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने संवैधानिक प्रावधानों, न्यायिक व्याख्याओं और प्रस्तावित संशोधन के दीर्घकालिक प्रभावों को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समिति के समक्ष रखा।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने चर्चा के दौरान कहा कि संविधान में किसी भी प्रकार का संशोधन अत्यंत संवेदनशील विषय होता है और इसके सामाजिक, कानूनी व लोकतांत्रिक प्रभावों का समग्र मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संशोधन ऐसा होना चाहिए जो संविधान की मूल भावना को सुदृढ़ करे और जनहित में हो।

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे, अपने सुझाव रखे और विभिन्न दृष्टिकोणों पर चर्चा की। जेपीसी का लक्ष्य विधेयक को अधिक संतुलित, प्रभावी और व्यापक जनस्वीकृति वाला बनाना है। समिति आगामी बैठकों में सभी पहलुओं पर और गहनता से विचार करेगी।

 

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