
दुर्ग। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 और बाद में एनटीपीसी में असिस्टेंट इंजीनियर की नौकरी लगाने का झांसा देकर प्रार्थी से 10 लाख रुपये ऐंठ लिए।
पुलिस के अनुसार प्रार्थी रविकांत साहू, निवासी बोरीगारका थाना उतई, जिला दुर्ग ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपियों ने पहले मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 पद पर नौकरी लगाने का झांसा दिया। जब यह प्रयास सफल नहीं हुआ तो उन्होंने एनटीपीसी में एई (Assistant Engineer) पद पर नियुक्ति कराने का आश्वासन दिया।
आरोपियों ने किस्तों में कुल 10,00,000 रुपये लेकर प्रार्थी को ई-मेल के माध्यम से फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिया, जिससे उसके साथ धोखाधड़ी हुई।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना पदमनाभपुर में अपराध क्रमांक 143/2026 के तहत धारा 420, 467, 468 और 120-बी भादवि के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रिया देशमुख (36 वर्ष), निवासी न्यू आदर्श नगर, थाना पदमनाभपुर को 28 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया। वहीं सह-आरोपी प्रशांत कुमार देशमुख (49 वर्ष), निवासी न्यू आदर्श नगर, दुर्ग को 01 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी नियुक्ति पत्र की ई-मेल प्रिंट कॉपी, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं।
घटना का कारण
नौकरी दिलाने के नाम पर अवैध आर्थिक लाभ प्राप्त करने की मंशा।
इस कार्रवाई में थाना पदमनाभपुर के निरीक्षक, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक तथा साइबर सेल टीम की सक्रिय भूमिका रही, जिन्होंने तकनीकी सहायता से आरोपियों को गिरफ्तार किया।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी शासकीय या अर्धशासकीय संस्था में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।














