बिजली दर वृद्धि के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, बिजली विभाग कार्यालय का घेराव

मनेंद्रगढ़। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर बिजली दरों में वृद्धि के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने शुक्रवार को आमाखेरवा चौक में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया तथा बिजली विभाग कार्यालय का घेराव कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्व विधायक गुलाब कमरो शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस लेने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेसजनों ने बिजली विभाग कार्यालय पहुंचकर कार्यपालन अभियंता (ईई) के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार द्वारा घरेलू, कृषि और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में की गई वृद्धि से आम जनता, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका कहना था कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ेंगी।

पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। महंगाई और बेरोजगारी से पहले ही लोग परेशान हैं, ऐसे में बिजली दरों में वृद्धि आम आदमी की कमर तोड़ने वाली है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत आवश्यकता पर अतिरिक्त आर्थिक भार डालना गरीब, किसान और मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ अन्याय है। वहीं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सौरव मिश्रा, शिवांश जैन और युधिष्ठिर कमरो ने भी बिजली दर वृद्धि को जनविरोधी बताते हुए सरकार से निर्णय वापस लेने की मांग की।
जिला कांग्रेस महामंत्री पूनम सिंह ने कहा कि खेती की लागत पहले से बढ़ी हुई है और बिजली दरों में वृद्धि किसानों के लिए दोहरी मार साबित होगी। जिला महामंत्री रफीक मेमन तथा सांसद प्रतिनिधि सुरेन्द्र पाल मखीजा ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए बिजली दर वृद्धि वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि बिजली दरों में की गई हालिया वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए, घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और छोटे व्यापारियों को राहत दी जाए तथा बिजली दर निर्धारण में आम उपभोक्ताओं की आर्थिक स्थिति को प्राथमिकता दी जाए।
कार्यक्रम में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि वापस होने तक पार्टी का आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा।












