छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक, दंतेवाड़ा से हुई एंट्री; अगले 48 घंटे में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने छत्तीसगढ़ में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने सोमवार को दंतेवाड़ा जिले से प्रदेश में मानसून के प्रवेश की पुष्टि की है। मानसून के आगमन के साथ ही राज्य में मौसम का मिजाज बदलने लगा है और आने वाले 24 से 48 घंटों के दौरान कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 22 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मानसून दंतेवाड़ा पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश होने और तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आगामी दिनों में मध्यम से भारी वर्षा के आसार भी बने हुए हैं।
मानसून के आगमन से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं, वहीं आम लोगों को भी भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दोपहर के समय जारी नाउकास्ट चेतावनी के तहत कई क्षेत्रों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवाएं और वर्षा की संभावना है।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
धमतरी, बालोद, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदा बाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, मुंगेली, सरगुजा और सूरजपुर जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश तथा तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
येलो अलर्ट वाले जिले
सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवा और बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, खुले स्थानों पर जाने से बचने और आकाशीय बिजली के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। वहीं, अगले दो दिनों में मानसून के और सक्रिय होने के साथ प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का दायरा बढ़ने की संभावना है।










