ब्रेकिंग
CM Today: मंत्रालय में कैबिनेट बैठक से लेकर विभागीय समीक्षा तक, आज ऐसा रहेगा मुख्यमंत्री विष्णुदेव स... मुख्य मार्गो के डिवाइडर एवं छतों पर लगे कटआउट होर्डिंग्स की अनुमति होगी निरस्त,विज्ञापन कटआउट लगाने ... साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 06 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार, कमीशन के लालच में खाते-पासबुक-एटीएम उपल... गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश की मांग, सर्व समाज संगठन ने शासन को भेजा ज्ञापन:-प्रांताध्यक्ष भानु ... मुख्य मार्गो के डिवाइडर एवं छतों पर लगे कटआउट होर्डिंग्स की अनुमति होगी निरस्त,विज्ञापन कटआउट लगाने ... 100 निकायों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 67 करोड़ मंजूर; 1.38 करोड़ OPD का रिकॉर्ड सफर होगा तेज और आसान! रायपुर से रांची-धनबाद तक नया एक्सप्रेसवे देगा बड़ी राहत स्वच्छ हवा की रैंकिंग में रायपुर चमका, दुर्ग-भिलाई और कोरबा ने भी बनाई मजबूत जगह गैस सिलेंडर बुकिंग पर बड़ा बदलाव, गांव और शहर में अब एक ही नियम लागू मुख्यमंत्री साय का आज का पूरा कार्यक्रम, नगरीय प्रशासन की समीक्षा बैठक में होंगे शामिल
दुर्ग

दुर्ग जिला अस्पताल में बच्चों के बदलने का मामला, जांच जारी

दुर्ग । दुर्ग जिला अस्पताल के मदर चाइल्ड वार्ड में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां दो बच्चों को बदल दिया गया है। यह घटना 23 जनवरी की रात को हुई थी, जब शबाना कुरैशी और साधना सिंह को थोड़े समय के अंतराल में बच्चा हुआ था।

अस्पताल के स्टॉफ ने दोनों बच्चों के हाथ में मां के नाम का चिट भी लगाया, लेकिन डिलिवरी के बाद बच्चे नहलाने के दौरान बदल गए। शबाना का बच्चा साधना और साधना का बच्चा शबाना के पास पहुंच गया। इसके बाद दोनों प्रसूताओं को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया।

घर जाने के बाद जब शबाना कुरैशी बच्चे को नहला रही थी तो उसने देखा कि बच्चे के हाथ में जो चिट लगी है उसमें बेबी ऑफ साधना लिखा हुआ है। इससे उसे बच्चा बदलने का शक हुआ, क्योंकि उसके बगल के बेड में भर्ती महिला का नाम साधना था।

शबाना ने अपने परिवार वालों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने अस्पताल में जन्म के समय बच्चे की खींची गई फोटो को मिला तो बच्चे चेहरा अलग था। इतना ही नहीं फोटो में साधना के बच्चे के शरीर में बर्थ मार्क था। वहीं बर्थ मार्क शबाना को दिए गए बच्चे में दिखा।

इसके बाद परिजन जिला अस्पताल दुर्ग पहुंचे। शिकायत की। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद इसकी शिकायत दुर्ग कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी के पास पहुंची। कलेक्टर ने तुरंत डिप्टी कलेक्टर एम भार्गव की अगुवाई में एक जांच टीम गठित की।

टीम ने रविवार को अस्पताल जाकर मदर चाइल्ड यूनिट का रिकार्ड खंगाला। जिम्मेदार स्टॉफ से भी पूछताछ की, लेकिन अभी तक मामले का हल नहीं निकला है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button