ब्रेकिंग
पानी की बोतल बेचने में की मनमानी, अब दुकानदार को भरना पड़ेगा ₹7 लाख का जुर्माना भिलाई नगर निगम चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर, वार्ड आरक्षण ने कई नेताओं के चुनावी समीकरण बिगाड़े CM Today: मंत्रालय में कैबिनेट बैठक से लेकर विभागीय समीक्षा तक, आज ऐसा रहेगा मुख्यमंत्री विष्णुदेव स... मुख्य मार्गो के डिवाइडर एवं छतों पर लगे कटआउट होर्डिंग्स की अनुमति होगी निरस्त,विज्ञापन कटआउट लगाने ... साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 06 म्यूल बैंक खाताधारक गिरफ्तार, कमीशन के लालच में खाते-पासबुक-एटीएम उपल... गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश की मांग, सर्व समाज संगठन ने शासन को भेजा ज्ञापन:-प्रांताध्यक्ष भानु ... मुख्य मार्गो के डिवाइडर एवं छतों पर लगे कटआउट होर्डिंग्स की अनुमति होगी निरस्त,विज्ञापन कटआउट लगाने ... 100 निकायों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, 67 करोड़ मंजूर; 1.38 करोड़ OPD का रिकॉर्ड सफर होगा तेज और आसान! रायपुर से रांची-धनबाद तक नया एक्सप्रेसवे देगा बड़ी राहत स्वच्छ हवा की रैंकिंग में रायपुर चमका, दुर्ग-भिलाई और कोरबा ने भी बनाई मजबूत जगह
छत्तीसगढ़रायपुर

जेपीसी के मंच पर 130वें संवैधानिक संशोधन विधेयक पर चर्चा, बृजमोहन अग्रवाल की सक्रिय भागीदारी

रायपुर। संसद में आज 130वें संवैधानिक संशोधन विधेयक-2025 सहित उससे संबद्ध अन्य विधेयकों पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित संशोधनों के प्रावधानों पर विस्तार से विचार-विमर्श करना और समिति के सदस्यों को विधेयक से जुड़ी तकनीकी तथा कानूनी जानकारियाँ उपलब्ध कराना रहा।

बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने सहभागिता की। इस दौरान संवैधानिक संशोधन से जुड़े कानूनी ढांचे, उसके संभावित प्रभाव और व्यावहारिक पहलुओं पर गंभीर चर्चा की गई। विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत किए गए विश्लेषणात्मक सत्रों में विधेयक की मंशा, उसके दूरगामी परिणाम और आवश्यक सुधारों पर प्रकाश डाला गया।

जेपीसी बैठक में नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूडिशियल साइंसेज (NUJS), कोलकाता तथा नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU), ओडिशा के विधि विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञों ने संवैधानिक प्रावधानों, न्यायिक व्याख्याओं और प्रस्तावित संशोधन के दीर्घकालिक प्रभावों को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समिति के समक्ष रखा।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने चर्चा के दौरान कहा कि संविधान में किसी भी प्रकार का संशोधन अत्यंत संवेदनशील विषय होता है और इसके सामाजिक, कानूनी व लोकतांत्रिक प्रभावों का समग्र मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संशोधन ऐसा होना चाहिए जो संविधान की मूल भावना को सुदृढ़ करे और जनहित में हो।

बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछे, अपने सुझाव रखे और विभिन्न दृष्टिकोणों पर चर्चा की। जेपीसी का लक्ष्य विधेयक को अधिक संतुलित, प्रभावी और व्यापक जनस्वीकृति वाला बनाना है। समिति आगामी बैठकों में सभी पहलुओं पर और गहनता से विचार करेगी।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button