ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का प्रतिनिधि मंडल उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव से मिला खड़गे की टिप्पणी पर भाजपा कार्यकर्ता मनीष सिंह भंडारी ने जताई कड़ी नाराजगी, कांग्रेस पर साधा निशाना जिला पंचायत दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित बैठक एवं नवनियुक्त पदाधिकारियों के स्वागत का विहंगम दृश्य दीपावली की खरीदारी के लिए ओम ज्वैलर्स में उमड़ी भीड़, ओम सोनी ने बताया खास ऑफर भाजयुमो ने किया कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का पुतला दहन दुर्ग के ओम ज्वैलर्स में त्योहारी रौनक, ग्राहकों को मिल रही विशेष छूट और आकर्षक उपहार गोवर्धन पूजा पर सामान्य अवकाश की घोषणा का छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ने किया स्वागत राज्योत्सव की तैयारियों को लेकर सक्रिय हुए कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यपाल रमेन डेका को समारो... पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति ऑल इंडिया रजिस्टर्ड छत्तीसगढ़ प्रदेश की बैठक संपन्न. भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ
Uncategorized

विभागों से डेटा समन्वय हेतु कार्यशाला सम्पन्न : विभागों के डाटा में एकरूपता होना जरूरी

रायपुर : आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव श्री भुवनेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कार्यशाला सह बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य स्तर पर विभागीय आंकड़ों के मानकीकरण एवं प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के प्रशासनिक सांख्यिकी एवं नीति प्रभाग राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय दिल्ली ने सूचित किया है कि प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर राष्ट्रीय विचार-विमर्श हेतु शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में डेटा सामंजस्य की प्रगति एवं उससे जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।

बैठक में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव ने विभागों से अपेक्षा की है कि वे शीघ्र ही अपने विभाग की जानकारी उपलब्ध कराऐंगे जिससे डेटा समन्वय की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। कार्यशाला में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक क्तिमा यादव ने बताया कि विभागों में डाटा के आदान प्रदान से डाटा सिस्टम को मजबूत व्यवस्थित होने के साथ नीति निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि डाटा में एकरूपता होने से दोहराव नहीं होगा। जिससे नीतियों, योजनाओं और निर्णयों को सटिक डेटा विश्लेषण के आधार पर लागू किया जा सकेगा।

बैठक में विभागवार डेटा समेकन की संभावनायें, वर्तमान विभागों के पास उपलब्ध डेटा सहित सेवा वितरण, निगरानी एवं प्रशासनिक डेटा समेकन हेतु कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button