ब्रेकिंग
मां-बेटी की निर्मम हत्या पर अदालत का सख्त रुख, तीन आरोपियों को मौत की सजा दुर्ग में सेवा सेतु शिविर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में 111 हितग्राहियों को मिले चेक, प्... शहर के डिवाइडरों पर लगे कटआउट हटेंगे, महापौर ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश, सूरजपुर दोहरा हत्याकांड: तीन दोषियों को फांसी, चौथे को मरते दम तक उम्रकैद जिला परामर्शदात्री समिति के निर्णयों का पालन नहीं होने पर कर्मचारी संघ ने जताई नाराजगी जुनवानी में चिट्टा-हेरोइन के साथ 23 वर्षीय युवक गिरफ्तार, ₹2.60 लाख की सामग्री जब्त थाना बालोद क्षेत्रान्तर्गत सिंचाई कॉलोनी में युवती पर एसिड अटैक के आरोपियों को पुलिस ने 08 घंटे की भ... -इंदिरा मार्केट में नाली निर्माण कार्य का महापौर अलका बाघमार ने किया औचक निरीक्षण, गुणवत्ता और ढलान ... पुलगांव-अंडा मुख्य मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर 'जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी' ने दुर्ग कलेक्... राष्ट्रीय जनगणना 2027 में OBC की पृथक जाति-वार गणना की मांग
छत्तीसगढ़

मां-बेटी की निर्मम हत्या पर अदालत का सख्त रुख, तीन आरोपियों को मौत की सजा

सूरजपुर। जिस जघन्य वारदात ने पूरे छत्तीसगढ़ को झकझोर दिया था, उस मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। सूरजपुर के चर्चित मां-बेटी हत्याकांड में फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत तीन दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। वहीं, चौथे दोषी आर्यन विश्वकर्मा को मरते दम तक आजीवन कारावास की सजा दी गई है। मामला हत्या, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट से जुड़े गंभीर अपराधों का है।

14 अक्टूबर 2024 की वारदात ने पूरे प्रदेश को किया था स्तब्ध

यह मामला 14 अक्टूबर 2024 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक हेड कॉन्स्टेबल की पत्नी के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद उनकी बेटी की भी धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिए गए थे। घटना का खुलासा होने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया था और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई थी।

29 सितंबर को दोषी करार, अब सुनाई गई सजा

फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने 29 सितंबर को चारों आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता संजय अंबस्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने तीन दोषियों को फांसी और एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

पुराने विवाद के बाद बढ़ा था घटनाक्रम

अभियोजन के मुताबिक, घटना से कुछ दिन पहले 9 अक्टूबर की रात जगराता कार्यक्रम के दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप साहू के भाई संदीप साहू का कुछ युवकों से विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस संदीप को थाने ले गई थी। आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट हुई थी। इसी बात को लेकर कुलदीप नाराज था और उसने विवाद से जुड़े लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई।

13 अक्टूबर की शाम पुराना बस स्टैंड के पास आरक्षक घनश्याम सोनवानी ने कुलदीप को पकड़ने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान कुलदीप ने आरक्षक पर गर्म तेल फेंका और तलवार से हमला करने की धमकी देकर वहां से भाग निकला। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में जुट गई।

घर पहुंचकर वारदात को दिया अंजाम

अभियोजन के अनुसार, उसी रात कुलदीप हेड कॉन्स्टेबल के घर पहुंचा, जहां उसने उनकी पत्नी के साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी। इसके बाद उनकी बेटी की भी हत्या कर दी गई। दोनों शवों को घर से दूर ले जाकर फेंक दिया गया।

रात में ड्यूटी से लौटे हेड कॉन्स्टेबल को घर में खून के निशान मिले। पत्नी और बेटी के घर पर नहीं होने से उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। अगले दिन दोनों के शव घर से करीब पांच किलोमीटर दूर बरामद हुए।

गिरफ्तारी के बाद भी सुर्खियों में रहा मामला

वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। मुख्य आरोपी कुलदीप साहू पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने का भी आरोप लगा था। वह झारखंड पहुंच गया था, जहां बाद में बलरामपुर पुलिस ने उसे बस से उतरते समय गिरफ्तार किया।

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी गई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इस बीच कुलदीप साहू के घर और गोदाम के बाहर खड़े वाहनों में आगजनी की घटना भी हुई थी। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा था।

दोषी ठहराए जाने के बाद भी चर्चा में रहा कुलदीप

29 सितंबर को अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद कुलदीप साहू का एक वीडियो सामने आया था। वीडियो में वह अदालत से बाहर निकलते समय हंसता दिखाई दिया था और पत्रकारों की ओर स्माइली का इशारा करता नजर आया था। अब सजा सुनाए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।

अदालत के फैसले से इस बहुचर्चित मामले में सजा का चरण पूरा हुआ है। हालांकि, मृत्युदंड की सजा पर अंतिम स्थिति संबंधित कानूनी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button