दुर्ग जिले में अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बादल सागर को जिला बदर आदेश

दुर्ग | जिला दण्डाधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (क), (ख) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए|
अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बादल सागर को जिला दुर्ग और उसके सीमावर्ती जिलों से एक वर्ष के लिए बाहर जाने का आदेश दिया है।
यह आदेश वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के प्रतिवेदन पर पारित किया गया है। बादल सागर, जो कि थाना नेवई का आदतन अपराधी है, उसके खिलाफ थाना
दुर्ग में आपराधिक गतिविधियों से संबंधित पांच मामलों में विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज हैं।
उसकी क्रूर प्रवृत्तियों और अपराधिक गतिविधियों के कारण क्षेत्र में दहशत फैली हुई है, और उसके खिलाफ गवाही देने में लोग भयभीत रहते हैं।
जिला दण्डाधिकारी ने अपने आदेश में कहा कि बादल सागर को 06 जनवरी 2025 से एक सप्ताह के भीतर दुर्ग जिले के अलावा रायपुर, बेमेतरा, बालोद, राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और धमतरी जिलों की सीमाओं से बाहर जाने का आदेश दिया गया है।
एक वर्ष तक वह इन जिलों की सीमाओं में बिना न्यायालयीन आदेश के प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, बादल सागर के कृत्यों में अन्य अपराधिक प्रवृत्तियों वाले लोग भी शामिल होते हैं,
जिससे उसका हौसला और बढ़ता जा रहा है। ऐसे में उसकी गतिविधियों पर नियंत्रण और अंकुश लगाना अत्यंत आवश्यक था।














