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दुर्ग

सुशासन तिहार बना किसान ऐश्वर्य सिंह की उम्मीद की किरण

दुर्ग |  ऐश्वर्य सिंह अरसनारा गांव का एक मेहनती किसान, वर्षों से खेती कर रहे हैं। लेकिन एक छोटी सी चीज़ फटी-पुरानी ऋण पुस्तिका, उनकी परेशानियों का कारण बन गई थी। बैंक के काम बार-बार अटकते और सरकारी योजनाओं का लाभ भी समय पर नहीं मिल पाता था।

ऐश्वर्य ने बताया कि मेरी पुरानी ऋण पुस्तिका इतनी खराब हो चुकी थी कि पन्ने अलग हो जाते थे, हस्ताक्षर और खाते की जानकारी तक पढ़ना मुश्किल था। बैंक में कई बार लौटाया गया। फिर आया साल 2025 और साथ आया सुशासन तिहार। सुशासन तिहार अंतर्गत समाधान शिविर सिरसाखुर्द में  ऐश्वर्य ने सबसे पहले आवेदन किया।

आवेदन पर त्वरित कार्यवाही करते हुए संयुक्त कलेक्टर  हरवंश मिरी एवं नायब तहसीलदार सु ज्योत्सना कलिहारी ने उन्हें नई, साफ-सुथरी, व्यवस्थित ऋण पुस्तिका प्रदान की। जब  ऐश्वर्य ने नई ऋण पुस्तिका हाथ में ली, तो उसे लगा जैसे उसकी पहचान लौट आई हो।

अब मेरी ज़मीन की स्थिति भी स्पष्ट है। यह सिर्फ कागज़ नहीं है, ये मेरी मेहनत और हक की पहचान है। इससे अब मुझे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलने लगेगा। अन्य किसानों ने भी पुस्तिका नवीनीकरण कराया।  ऐश्वर्य ने कहा कि सरकार की तरफ से मिला ये एक छोटा-सा कागज़ नहीं, बल्कि किसानों की पहचान है।

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