सड़क सुरक्षा पर रायपुर ट्रैफिक पुलिस की शॉर्ट फिल्म ‘गंगुवा’ जारी, मालवाहकों में सवारी करने से किया जागरूक

रायपुर | प्रदेश में बारात, चौथिया और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में मालवाहक वाहनों का उपयोग सवारी के लिए बढ़ता जा रहा है, जिससे लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं और कई लोगों की जान जा रही है। हाल ही में खरोरा क्षेत्र में एक दर्दनाक दुर्घटना में 13 लोगों की मौत के बाद रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को जागरूक करने एक अनोखी पहल की है।
डीएसपी सतीश ठाकुर बने ‘गंगुवा ‘ फिल्म के जरिए दी चेतावनी
रायपुर ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर ने एक शॉर्ट फिल्म ‘गंगुवा’ बनाई है, जिसमें वे खुद गंगुवा नामक ग्रामीण किसान की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म की कहानी एक ऐसी बारात पर आधारित है जो ट्रैक्टर और मालवाहक वाहन से रवाना होती है। लेकिन गंगुवा यानी सतीश ठाकुर ग्रामीणों को समझाते हैं कि मालवाहक गाड़ियों में सवारी करना न केवल खतरनाक है बल्कि कानून के भी विरुद्ध है।
फिल्म के क्लाइमेक्स में गंगुवा समय रहते बारात को रोक देता है और सुरक्षित सवारी वाहन से यात्रा करने की व्यवस्था करता है, जिससे एक बड़ा हादसा टल जाता है। फिल्म के जरिए सड़क सुरक्षा और जागरूकता का मजबूत संदेश दिया गया है।
एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह भी फिल्म में शामिल
फिल्म में रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह भी नजर आते हैं। वे लोगों को ट्रैफिक नियमों के पालन की सलाह देते हुए कहते हैं:
मालवाहक में सवारी न करें
- वैध लाइसेंस के बिना वाहन न चलाएं
- ओवरलोड और ओवरस्पीड से बचें
- शराब पीकर वाहन न चलाएं
- सीट बेल्ट पहनें और लेन नियमों का पालन करें
- नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी न करें
- 13 मौतों के बाद बढ़ी सतर्कता, जागरूकता अभियान तेज
इस फिल्म को बनाने की प्रेरणा खरोरा क्षेत्र की दुर्घटना से मिली, जहां एक मालवाहक वाहन और ट्रेलर की टक्कर में 13 लोगों की मौत हो गई थी। सभी लोग एक छठी कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है।
हर साल 1.5 लाख मौतें, ‘गोल्डन आवर’ का महत्व
भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हादसे के पहले 30 मिनट यानी गोल्डन आवर में उचित उपचार मिलने से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन लोग अक्सर कानूनी डर और झंझट की वजह से घायल की मदद करने से कतराते हैं।
‘गंगुवा’ फिल्म का उद्देश्य – सोच बदलना, जान बचाना
डीएसपी सतीश ठाकुर पहले भी 2019 में ‘यमराज’ के रूप में ट्रैफिक जागरूकता अभियान चला चुके हैं। ‘गंगुवा’ फिल्म उसी कड़ी का विस्तार है, जिसका मकसद है – लोगों की सोच बदलना, सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लेना और एक-एक जान को बचाना।
रायपुर पुलिस की यह पहल अब सोशल मीडिया और स्कूल-कॉलेजों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि आने वाले समय में सड़कों पर हादसे कम हों और जिम्मेदार नागरिकों की संख्या बढ़े।














