सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, मुख्य खाईवाल नितीश समेत 12 आरोपी गिरफ्तार, 111 म्यूल खातों का खुलासा

दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने साइबर सट्टा रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य खाईवाल नितीश कुमार समेत कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह द्वारा भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के लोगों से बैंक खाते खरीदकर उनका उपयोग ऑनलाइन सट्टा कारोबार और साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। इस मामले में पूर्व में एक महिला आरोपी उमा शर्मा को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
20,000 में खरीदे जाते थे बैंक खाते
मुख्य आरोपी नितीश कुमार, जो बिहार के नालंदा जिले का निवासी है, स्थानीय लोगों से करीब ₹20,000 में बैंक खाते खरीदता था। फिर वह इन खातों को डीटीडीसी कूरियर के जरिए अपने नेटवर्क तक पहुंचाता था, जहां इनका उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में ऑनलाइन सट्टा लेन-देन और धोखाधड़ी के लिए किया जाता था। नितीश ने पूछताछ में बताया कि वह दीपक नामक व्यक्ति की टीम के साथ मिलकर 22% कमीशन पर खाईवाली कर रहा था और “लोटस”, “बप्पा”, “रामजानो” व “गोविंदा” जैसे पैनल्स का उपयोग सट्टा संचालन में करता था।
बैंक मैनेजर की शिकायत से खुला मामला
यह मामला तब सामने आया जब कैनरा बैंक वैशाली नगर शाखा के प्रबंधक परमाल सिंह सिंगोदिया ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी शाखा के लगभग 111 खातों में साइबर धोखाधड़ी और अवैध लेन-देन की गतिविधियाँ देखी गईं, जिनमें कुल ₹22,05,173.53 की राशि होल्ड की गई है।
महिला आरोपी के खाते में ₹5 करोड़ का लेनदेन
जांच में पहली गिरफ्तारी उमा शर्मा नामक महिला की हुई, जिसने अपने “एवनी ब्रेसिंग ब्यूटी पार्लर” के नाम से चालू खाता खुलवाया था। उसके खाते में फरवरी 2025 में लगभग ₹5 करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ था, जो बाद में विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए गए थे।
देहरादून से मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
पुलिस को विवेचना के दौरान जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी नितीश देहरादून में मौजूद है। टीम ने गली नंबर 4, द्रोण बटिका में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। नितीश ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह मोनू और दीपक की टीम के साथ मिलकर यह सट्टा रैकेट चला रहा था।
जब्ती सूची
पुलिस ने नितीश कुमार के कब्जे से निम्न सामग्री जब्त की:
01 महिंद्रा थार कार (VR-01 HH 9046)
03 लैपटॉप
03 मोबाइल फोन
09 एटीएम कार्ड
08 बैंक पासबुक
02 चेकबुक
गिरफ्तार आरोपी
नीतीश कुमार (32) – नालंदा, बिहार
ओमप्रकाश केशवानी (63) – वैशालीनगर
पी. जय कुमार (30) – स्टील नगर, कैंप-1
नीतेश प्रताप सिंह (27) – नेहरू चौक, छावनी
मनमीत सिंह (25) – सुपेला
बी. मोहन (20) – स्टील नगर, कैंप-1
गोपाल निर्मलकर (24) – इंदिरा नगर, सुपेला
सचिन खोबरागड़े (43) – अंबेडकर नगर
गगनदीप सिंह (20) – वैशालीनगर
बी. कार्तिक (20) – अतुल प्रोविजन के पास
सूरज कुमार कुशे (25) – नेहरू भवन रोड, सुपेला
भीखम साहू (22) – अर्जुन नगर, भिलाई
इस बड़े नेटवर्क के खुलासे में वैशाली नगर थाना पुलिस की विशेष भूमिका रही। पुलिस अब भी अन्य खाताधारकों और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। अनुमान है कि यह गिरोह देश के कई हिस्सों में फैला हुआ है और करोड़ों रुपये का अवैध लेनदेन कर चुका है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों की जानकारी और दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।














