वरिष्ठ आरक्षकों की अनुसंधान प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मिला पुरस्कार

दुर्ग। पुलिस नियंत्रण कक्ष, सेक्टर-6 मिलाई नगर, दुर्ग में आयोजित वरिष्ठ आरक्षकों की 5 दिवसीय अनुसंधान प्रशिक्षण सह-कार्यशाला का आज समापन हुआ। इस अवसर पर पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग विजय अग्रवाल (भा.पु.से.) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
दिनांक 16 से 20 जून तक चले इस प्रशिक्षण में सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक अजीत यादव एवं राकेश जोश द्वारा अनुसंधान की विभिन्न प्रक्रियाओं—एफआईआर लेखन से लेकर चालान प्रस्तुत करने तक—की बारीकियों को विस्तार से समझाया गया। प्रशिक्षुओं को बीएनएस की धाराओं, सामान्य व गंभीर चोटों के प्रकरणों, मारपीट, तथा सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों की विवेचना में आवश्यक कानूनी एवं व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें थाना रानीतराई के आरक्षक कमांक 971 उत्तम कुमार देशमुख ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। चौकी अंजोरा के आरक्षक कमांक 1677 बी. लक्ष्मण राव द्वितीय स्थान पर एवं चौकी जेवरा सिरसा के आरक्षक कमांक 1612 श्याम सिंह राजपूत तृतीय स्थान पर रहे। तीनों उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को आईजी रामगोपाल गर्ग एवं एसएसपी विजय अग्रवाल द्वारा पुरस्कृत किया गया। साथ ही, दोनों वरिष्ठ प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने उद्बोधन में आईजी गर्ग ने कहा कि “सीखे गए प्रशिक्षण को कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी से लागू करें और उत्साहपूर्वक अपने दायित्व निभाएं।” वहीं एसएसपी अग्रवाल ने सभी प्रशिक्षार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि “आपके कार्यों का मूल्यांकन अगले सप्ताह पुनः किया जाएगा, अतः अपनी तैयारी और समर्पण में कोई कमी न रखें।”
समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर सुखनंदन राठौर, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।














