छत्तीसगढ़ी सिनेमा में नई हीरोइन की तलाश तेज, मौजूदा अभिनेत्रियों पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ी फिल्म इंडस्ट्री एक बार फिर नए चेहरे की खोज में जुट गई है। हाल ही में इंडस्ट्री के सबसे बड़े प्रोड्यूसर ने अपनी बहुचर्चित अगली फिल्म “झन भूलो मां-बाप 2” के लिए सोशल मीडिया पर एक नई हीरोइन की सार्वजनिक तलाश शुरू कर दी है। इसके पहले निर्देशक राज वर्मा भी अपनी आगामी फिल्म के लिए नए चेहरे की कास्टिंग की बात कह चुके हैं।
इस नई तलाश ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है, क्योंकि फिलहाल छत्तीसगढ़ी सिनेमा में एल्सा घोष, दीक्षा जायसवाल, शालिनी विश्वकर्मा, काजल सोनबेर, इशिका यादव, सोनाली सहारे, हेमा शुक्ला, ज्योत्सना ताम्रकार, मुस्कान साहू, अनिकृति चौहान, शिखा चितंबरे और हिरण्मयी दास जैसी कई प्रतिभाशाली अभिनेत्रियां सक्रिय हैं, जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है।
इसके बावजूद नई हीरोइन की मांग क्यों?
ट्रेड सर्कल में इसकी वजहें भी जोरशोर से चर्चा में हैं। सूत्रों की मानें तो कुछ अभिनेत्री “स्टारडम के नशे” में अपने पेशेवर रवैये से समझौता कर रही हैं। मेकर्स का कहना है कि कई बार अभिनेत्रियों के साथ शूटिंग करना इतना मुश्किल हो जाता है कि कैमरा ‘धरती’ पर नहीं बल्कि ‘आसमान’ में लगाना पड़ता है।

इसके अलावा, कुछ अभिनेत्रियों के अभिभावकों द्वारा बार-बार सेट पर हस्तक्षेप करने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इस तरह की दखलंदाजी से न केवल क्रिएटिव वर्क बाधित होता है, बल्कि शूटिंग के माहौल पर भी असर पड़ता है।
इसी पृष्ठभूमि में, अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इंडस्ट्री को कोई बिल्कुल नया चेहरा मिलेगा या फिर पहले से मौजूद अभिनेत्रियों में से ही किसी को एक और बड़ा मौका दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा लगातार विकास कर रहा है और दर्शकों की अपेक्षाएं भी बढ़ रही हैं। ऐसे में “झन भूलो मां-बाप 2” जैसी बड़ी फिल्म के लिए सही और पेशेवर अभिनेत्री का चयन फिल्म की सफलता के लिए बेहद अहम साबित होगा।














