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जेनेरिक दवाओं पर शुल्क नहीं लगेगा, भारत के फार्मा निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलने की संभावना

नई दिल्ली। अमेरिका से फार्मा उद्योग के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अपने 100 प्रतिशत टैरिफ नीति के दायरे से जेनेरिक दवाओं को बाहर रखा जा सकता है।

यह निर्णय लंबे समय से चल रही बहस के बाद आया है। विदेशों से आने वाली जेनेरिक दवाओं पर शुल्क लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं बनाई गई है। यह भारत के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत अमेरिका को जेनेरिक दवाओं का प्रमुख निर्यातक है।

इस खबर का असर अमेरिकी शेयर बाजार में भी देखा गया। फार्मा कंपनियों के शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ा।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन आने वाले हफ्तों में फार्मा टैरिफ नीति में बदलाव की घोषणा कर सकता है। सरकार की योजना संभावित रूप से जेनेरिक दवाओं को टैरिफ से अलग रखना है।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रांडेड और पेटेंटेड विदेशी फार्मा उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के ट्रंप के ऐलान के बाद उद्योग में अनिश्चितता बनी हुई थी। लेकिन अब जेनेरिक दवाओं के लिए सकारात्मक संकेत मिलने के बाद भारत समेत अन्य देशों के फार्मा निर्यातकों को लाभ होने की संभावना है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम न केवल वैश्विक फार्मा व्यापार को प्रोत्साहित करेगा बल्कि निवेशकों और बाजार में भी भरोसा बढ़ाएगा।

 

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