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छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति मुर्मु, अंबिकापुर में मिला आत्मीय स्वागत

अंबिकापुर। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समाज में महिलाओं की भूमिका, आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और बिरसा मुंडा के बलिदान पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। गांधी स्टेडियम में हुए इस समारोह में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि महिलाएं समाज की सबसे बड़ी शक्ति और धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो समाज और राष्ट्र का समग्र विकास स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ता है। कार्यक्रम में उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा के साहस को याद करते हुए बताया कि उनके संघर्ष ने अंग्रेजों के शासन को हिला दिया था।

उन्होंने कहा, “उस समय अंग्रेजों को सिर्फ एक ही नाम दिखाई देता था—बिरसा मुंडा। उनके अदम्य साहस ने ब्रिटिश शासन की नींव तक हिला दी थी।” राष्ट्रपति ने आदिवासी समाज से अपनी संस्कृति, परंपरा और लोक ज्ञान को संरक्षित रखने की अपील की।

युवाओं और वैद्यों का सम्मान

कार्यक्रम में राष्ट्रपति मुर्मू ने आदिवासी युवाओं को सम्मानित किया और कई योजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत उपचार पद्धति को बढ़ावा देने हेतु वैद्यों से जुड़ी नई योजना की शुरुआत की, जिससे लोक चिकित्सा को नई पहचान मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा दशकों पहले गोद लिए गए बच्चे से भी मुलाकात की, जिसने समारोह को और अधिक भावुक बना दिया। यह पिछले आठ महीनों में उनका छत्तीसगढ़ का दूसरा दौरा है, जो राज्य के प्रति उनके विशेष लगाव को दर्शाता है।

आदिवासी संस्कृति को प्रमोट करने पर जोर

राष्ट्रपति ने कहा कि आदिवासी संस्कृति अत्यंत समृद्ध और अद्वितीय है, जिसे संरक्षित और प्रमोट करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वह ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होकर स्वयं को जनजातीय परिवार का हिस्सा महसूस करती हैं।

उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, जल–जंगल–जमीन और सांस्कृतिक मजबूती को आदिवासी विकास की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इन सभी क्षेत्रों में निरंतर काम करने की जरूरत है।

‘नक्सलवाद की कमर टूटी’ — मुख्यमंत्री

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों की स्थिति तेजी से बदल रही है। उन्होंने बताया कि बस्तर समेत दूरस्थ इलाकों में बिजली पहुंच चुकी है और नक्सलवाद की कमर काफी हद तक टूट गई है।

सीएम ने कहा कि सरकार आदिवासी परिवारों तक राशन और अन्य सुविधाएँ लगातार पहुंचा रही है और उनकी बेहतरी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

राज्यपाल ने किया वीर बिरसा मुंडा को नमन

राज्यपाल रमेन डेका ने भी बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे राष्ट्र के महान वीर थे, जिनकी गाथाएं नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

कार्यक्रम पूरे उत्साह, सांस्कृतिक प्रस्तुति और जनभागीदारी के साथ संपन्न हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपरा को एक नई पहचान दी।

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