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छत्तीसगढ़

धान खरीदी में बड़ा फर्जीवाड़ा! डेढ़ लाख की गड़बड़ी पकड़ी गई, मास्टरमाइंड का खुलासा

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में धान खरीदी सीजन शुरू होते ही प्रशासन अवैध भंडारण और परिवहन पर लगातार शिकंजा कस रहा है। शनिवार को कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये मूल्य का अवैध धान जब्त किया। इसके साथ ही खरीदी केंद्रों की मॉनिटरिंग भी तेज कर दी गई है।

दो स्थानों पर छापेमारी, 27 क्विंटल अवैध धान बरामद

पहली कार्रवाई कृषि उपज मंडी समिति जयरामनगर के अंतर्गत ग्राम पचपेड़ी में की गई। यहां हेमंत नारजे के निजी गोदाम से 67 बोरी (27 क्विंटल) धान अवैध रूप से संग्रहित पाया गया।

दूसरी कार्रवाई कृषि उपज मंडी समिति बिलासपुर के अधीन ग्राम बसहा, बेलतरा में की गई, जहां 50 बोरी (20 क्विंटल) धान बरामद हुआ।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि दोनों मामलों में मंडी अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि धान खरीदी अवधि के दौरान अवैध भंडारण और हेरफेर पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था की जांच

धान खरीदी को पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिला कोषालय अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी बसंत गुलेरी शनिवार को सैदा धान उपार्जन केंद्र पहुंचे और खरीदी की संपूर्ण प्रक्रिया का निरीक्षण किया।

उन्होंने खास तौर पर निम्न बिंदुओं की जांच की:

  • धान की स्टेकिंग व्यवस्था
  • बारदाना उपलब्धता
  • तौल मशीन की गुणवत्ता
  • कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा
  • किसानों को भुगतान व्यवस्था
  • हमाल व्यवस्था
  • डनेज
  • बैनर-पोस्टर
  • किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाएँ

नोडल अधिकारी ने खरीदी केंद्रों को सुचारु और व्यवस्थित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

 

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