
दुर्ग। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 29 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक तीन दिवसीय निश्चितकालीन काम बंद–कलम बंद हड़ताल की घोषणा की है। फेडरेशन ने इसे “मोदी की गारंटी को पूरा कराने की तीसरी चरण की लड़ाई” बताया है।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
फेडरेशन ने कहा कि—
- प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र की तिथि से महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) नहीं मिल रही है, जिससे वे लगातार आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।
- केंद्र के मुकाबले छत्तीसगढ़ के कर्मचारी अब भी 3% DA पीछे हैं।
- अन्य भाजपा शासित राज्यों ने जुलाई 2025 से केंद्र के समान DA लागू कर दिया है, लेकिन छत्तीसगढ़ में अब तक आदेश जारी नहीं हुआ।
- चार स्तरीय वेतनमान, गृहभाड़ा भत्ता (HRA) का पुनरीक्षण, तथा अन्य भत्तों पर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया।
- अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों को 100 दिनों में नियमित करने का वादा किया गया था, लेकिन उस पर भी अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
फेडरेशन ने कहा कि प्रदेश बनने के 25 साल बाद भी कर्मचारी आर्थिक रूप से पिछड़ रहे हैं। यूपी जैसे बड़े राज्य में कर्मचारियों को 58% DA, बोनस और पेंशनर्स को DR दिया जा चुका है।
फेडरेशन की महत्वपूर्ण बैठक
इन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए फेडरेशन से संबद्ध सभी संगठन और पदाधिकारियों की बैठक 13 दिसंबर 2025, शनिवार दोपहर 12 बजे जिला पंचायत सभागार, दुर्ग में आयोजित की गई है।
कर्मचारियों से अपील
फेडरेशन ने सभी कर्मचारी साथियों से तीन दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है और कहा है कि—
“इंकलाब जिंदाबाद… छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिंदाबाद…”
फेडरेशन के प्रतिनिधि
राजेश चटर्जी (संयोजक),विजय लहरे (महामंत्री एवं जिला संयोजक),प्रदीप सिंह चौहान ‘बाबा भाई’ (प्रांतीय उपाध्यक्ष),मनीष तिवारी (संभागीय अध्यक्ष, GST कर्मचारी संघ), भानु प्रताप यादव (जिलाध्यक्ष, तृतीय वर्ग संघ एवं मीडिया प्रभारी),शिव दयाल घृतलहरे (सचिव),तथा अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से यह घोषणा जारी की है।














