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छत्तीसगढ़

मोदी की गारंटी पूरी कराने कर्मचारियों का ऐलान, 29 से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय काम-बंद, कलम-बंद हड़ताल

दुर्ग। छत्तीसगढ़ में शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। मोदी की गारंटी को पूरा कराने के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने तृतीय चरण के तहत 29, 30 और 31 दिसंबर 2025 तक तीन दिवसीय निश्चितकालीन काम-बंद, कलम-बंद हड़ताल का ऐलान किया है।

फेडरेशन की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र की तिथि से महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) अब तक नहीं मिल पा रही है, जबकि महंगाई दर लगातार बढ़ रही है। इससे कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

फेडरेशन ने बताया कि सरकार ने सत्ता में आने से पहले “मोदी की गारंटी मतलब गारंटी पूरी होने की गारंटी” के तहत केंद्र के समान तिथि से महंगाई भत्ता, पूर्व एरियर्स, चार स्तरीय समयमान वेतनमान लागू करने, सातवें वेतनमान के अनुसार गृहभाड़ा भत्ता सहित अन्य भत्तों के पुनरीक्षण का वादा किया था। सरकार का लगभग दो वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है, लेकिन इन घोषणाओं पर अब तक अमल नहीं हुआ है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों से तीन प्रतिशत DA पीछे हैं।

फेडरेशन ने यह भी आरोप लगाया कि अन्य भाजपा शासित राज्यों ने जुलाई 2025 से केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने की घोषणा कर दी है, जबकि छत्तीसगढ़ में अब तक निर्णय नहीं लिया गया। इसके साथ ही अनियमित और संविदा कर्मचारियों को 100 दिनों के भीतर नियमित करने के वादे पर भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

आंदोलन का स्थान और अपील

फेडरेशन ने सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में 29, 30 और 31 दिसंबर 2025 को शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक शाला दुर्ग (झाडूराम देवांगन स्कूल, जी.ई. रोड दुर्ग) में उपस्थित होकर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है।

फेडरेशन नेताओं का कहना है कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी कर्मचारियों की आर्थिक समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है, जबकि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में कर्मचारियों को जुलाई 2025 से 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता, बोनस और पेंशनरों को महंगाई राहत दी जा रही है।

आंदोलन की घोषणा राजेश चटर्जी (संभागीय संयोजक), विजय लहरे (महामंत्री), रूपेश कुमार पांडेय, अनुरूप साहू, ललित कुमार बिजौरा, चंचल द्विवेदी, टिकेन्द्र वर्मा, संजय शर्मा, हेमसिंह ठाकुर, गजानन सिन्हा, दीपक कुमार देवांगन, प्रदीप सिंह चौहान, भानु प्रताप यादव सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से की है।

फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि जब तक कर्मचारियों के हित में की गई घोषणाओं को लागू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

 

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