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छत्तीसगढ़जशपुर

दो वर्षों में बदली जिले की तस्वीर, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की मिली बड़ी सौगात

जशपुर  : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं ने ऐतिहासिक परिवर्तन का साक्षी बना है। कभी सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझने वाला यह जिला आज आधुनिक चिकित्सा ढांचे, सुदृढ़ आपात सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के कारण प्रदेश के अग्रणी जिलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से जशपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले जहां दूरस्थ अंचलों के लोगों को सामान्य उपचार और सुरक्षित प्रसव के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब जिले में ही उच्च स्तरीय उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। डायलिसिस जैसी जटिल सेवाएं, जो कभी कल्पना से परे थीं, अब जिलेवासियों के लिए सुलभ होती जा रही हैं।

दो वर्षाे में मिली स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिलीं जिले को कई ऐतिहासिक सौगातें

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए अनेक बड़े निर्णय लिए गए हैं। जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए वित्त विभाग से 359 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलना जिले के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इसके साथ ही 220 बिस्तरों वाले अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण के लिए 32 करोड़ रुपये की मंजूरी ने जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था की नींव रख दी है।अखिल भारतीय कल्याण आश्रम परिसर में 35 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक चिकित्सालय का निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है, जो भविष्य में जशपुर को एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। वहीं नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 8.78 करोड़ रुपये की लागत से नर्सिंग कॉलेज भवन निर्माण को स्वीकृति दी गई है, जिससे जिले को प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिली प्राथमिकता

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करते हुए कुनकुरी में 50 बिस्तरों वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण 8.77 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त जिले में 14 करोड़ रुपये की लागत से फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा कुनकुरी में 2 करोड़ 62 लाख रुपये से नेचुरोपैथी भवन निर्माण की स्वीकृति ने स्वास्थ्य सेवाओं को बहुआयामी बनाया है।वहीं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल पर जिले के फरसाबहार मुख्यालय में बहुत जल्द सत्य साईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय की स्थापना होगी जो जिले वासियों के साथ पड़ोसी राज्यों को भी इसकी सुविधाएं मुहैया होगी। यह नागलोग क्षेत्र वासियों के लिए बड़ी सौगात है।अब स्वास्थय के क्षेत्र में लोगों के लिए यह वरदान साबित होगी।

जिले में आपातकालीन सेवाओं को मिली नई गति

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में आपात चिकित्सा सेवाओं का उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। स्वास्थ्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए जिले को 10 नई 108 संजीवनी एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई हैं। अब जिले में कुल 24 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस जीवनरक्षक सेवा प्रदान कर रही हैं। इसके अलावा 102 महतारी एक्सप्रेस की 18 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कर रही हैं। प्रत्येक विकासखंड में शव वाहन की उपलब्धता ने कठिन समय में ग्रामीण परिवारों को बड़ी राहत दी है।

नए स्वास्थ्य केंद्रों की सौगात से ग्रामीण क्षेत्रों को मिला संबल

जिले के स्वास्थ्य ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करते हुए कोतबा में 4 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है। साथ ही जिले के फरसाबहार तहसील के पेटामारा (अंकिरा) एवं गांझियाडीह, दुलदुला तहसील के करडेगा एवं सीरिमकेला तथा कुनकुरी तहसील के केराडीह में 5 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना को मंजूरी मिली है,जो ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ जाएगी। आज जशपुर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में किए गए ये ऐतिहासिक प्रयास जिले को एक मजबूत, सक्षम और आधुनिक स्वास्थ्य मॉडल के रूप में स्थापित कर रहे हैं। यह परिवर्तन केवल अधोसंरचना का नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रतीक है।

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