ब्रेकिंग
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट दुर्ग में अंधे कत्ल का खुलासा: महिला की हत्या के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म की कोशिश नाकाम... सी.जी. सुपरफास्ट न्यूज़ के संपादक सुरेश गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को दी जन्मदिन की शुभकामना... राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 का भव्य आयोजन, नए शिक्षा सत्र का हुआ शुभारंभ
छत्तीसगढ़रायपुर

बिजली टैरिफ पर मुहर: फायदे के बावजूद पुराने घाटे से बढ़ सकती हैं दरें

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आने वाले सत्र 2026-27 में बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका लग सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी ने बिजली नियामक आयोग के समक्ष नए वित्तीय वर्ष के लिए बिजली टैरिफ निर्धारण की याचिका दायर की है। कंपनी का कहना है कि भले ही नए सत्र में उसे लगभग 756 करोड़ रुपये का संभावित लाभ दिख रहा है, लेकिन पिछले वर्षों के भारी घाटे के चलते कुल राजस्व जरूरत कहीं अधिक है।

पॉवर कंपनी के अनुसार, पूर्व सत्रों का लगभग 7 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का अंतर (घाटा) अब भी बना हुआ है। नए सत्र के अनुमानित लाभ को समायोजित करने के बाद भी कंपनी को करीब 6,300 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व की आवश्यकता है। इसी कमी की भरपाई के लिए नए टैरिफ तय करने की मांग आयोग से की गई है।

बिजली दरों में बढ़ोतरी के संकेत

इन आंकड़ों को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि इस बार भी बिजली की दरों में इजाफा हो सकता है। संभावना जताई जा रही है कि इस बार की बढ़ोतरी पिछले साल से अधिक हो सकती है। हालांकि अंतिम फैसला राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले वर्ष कंपनी ने करीब 5 हजार करोड़ रुपये के घाटे का दावा किया था, लेकिन आयोग ने जांच के बाद इसे लगभग 500 करोड़ रुपये ही माना था। इस बार भी आयोग घाटे की वास्तविक राशि का आकलन करेगा और उसी के आधार पर टैरिफ तय किया जाएगा।

आयोग के सामने पेश किया गया पूरा लेखा-जोखा

पॉवर कंपनी ने अपनी याचिका में बताया है कि वर्तमान दरों पर उसे वर्ष 2026-27 में करीब 26,216 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है, जबकि सालाना खर्च लगभग 25,460 करोड़ रुपये रहने की संभावना है। इस तरह कागजों पर 756 करोड़ रुपये का लाभ दिख रहा है। लेकिन पुराने वर्षों के घाटे को जोड़ने पर कुल राजस्व जरूरत बढ़कर करीब 32,500 करोड़ रुपये से अधिक हो जाती है।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसने टैरिफ बढ़ाने का कोई सीधा प्रस्ताव नहीं दिया है, क्योंकि दरों में बदलाव का अधिकार पूरी तरह नियामक आयोग के पास है।

जनसुनवाई के बाद होगा अंतिम फैसला

अब नियामक आयोग इस याचिका की गहन समीक्षा करेगा। आयोग यह जांचेगा कि कंपनी को वास्तव में कितने राजस्व की जरूरत है, अनुमानित खर्च कितना सही है और बिजली बिक्री से कितनी आमदनी संभव है। इसके बाद जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, जिसमें आम उपभोक्ताओं और हितधारकों की राय ली जाएगी। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही नए सत्र के लिए बिजली का अंतिम टैरिफ घोषित किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button