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छत्तीसगढ़

हाइड्रोपोनिक्स तकनीक से खेती का नया रास्ता

वन विकास निगम की कार्यशाला में मिली आधुनिक कृषि की जानकारी

रायपुर : हाइड्रोपोनिक्स एक उन्नत कृषि तकनीक है, जिसमें मिट्टी का उपयोग नहीं किया जाता। पौधों को सीधे पानी और उसमें घुले आवश्यक पोषक तत्वों के माध्यम से उगाया जाता है। यह तकनीक पारंपरिक खेती की तुलना में कम जगह और कम पानी में अधिक व तेजी से फसल उगाने में बेहद कारगर है।

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड द्वारा “हाइड्रोपोनिक्स नवाचार एवं न्यूट्रिशन फील्ड तकनीक भविष्य की रणनीति” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आधुनिक कृषि तकनीकों, पोषण सुरक्षा और टिकाऊ उत्पादन प्रणालियों की जानकारी देना तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करना था।

भविष्य की खेती के लिए हाइड्रोपोनिक्स को बताया उपयोगी तकनीक

कार्यशाला में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई), नई दिल्ली के प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं प्रोफेसर डॉ. मुर्तजा हसन तथा हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ मोहम्मद जावेद आलम ने प्रतिभागियों को तकनीकी जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने बताया कि हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के माध्यम से कम भूमि और कम पानी में नियंत्रित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन किया जा सकता है।

बढ़ती आबादी और सीमित संसाधनों के बीच कारगर विकल्प

डॉ. मुर्तजा हसन ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या, घटती कृषि भूमि और जल संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें भविष्य की आवश्यकता बन रही हैं। उन्होंने बताया कि यह तकनीक पोषण सुरक्षा, अधिक उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

युवाओं और उद्यमियों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर

हाइड्रोपोनिक्स विशेषज्ञ मोहम्मद जावेद आलम ने हाइड्रोपोनिक प्रणाली की स्थापना, पोषक तत्व प्रबंधन, उपयुक्त फसल चयन और व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी आसानी से अपनाई जा सकती है तथा युवाओं और उद्यमियों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा कर सकती है।

प्रतिभागियों ने जानी आधुनिक खेती की बारीकियां

कार्यशाला में निगम के अधिकारी-कर्मचारी, कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ तथा अन्य प्रतिभागी बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

नवाचार आधारित कृषि विकास को मिलेगा बढ़ावा

कार्यक्रम के समापन अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अधिकारियों ने विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं आधुनिक, वैज्ञानिक और टिकाऊ कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश में नवाचार आधारित विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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