मानव अधिकार क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की प्रादेशिक एक दिवसीय कार्यशाला रायपुर में आयोजित

रायपुर। राष्ट्रीय मानव अधिकार क्राइम कंट्रोल ब्यूरो द्वारा प्रादेशिक स्तर की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आज 23 अगस्त 2026 को रायपुर स्थित होटल सिटी स्टार में किया गया। कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से ब्यूरो के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, पदाधिकारियों को उनके दायित्वों की जानकारी देने तथा मानव अधिकारों से जुड़े मामलों में प्रभावी एवं संवेदनशील तरीके से कार्य करने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करना रहा।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं प्रमुख वक्ताओं के रूप में माननीय श्री आशीष श्रीवास्तव जी, माननीय रीटा. मेजर श्री प्रवीण सिंह जी, माननीय डॉ. शाहिद अली जी, माननीय श्री शिवशंकर सोनपिपरे जी तथा माननीय श्रीमती प्रीति केशरवानी जी उपस्थित रहे। अतिथियों का पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने मानव अधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि मानव अधिकार केवल किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने, समानता, स्वतंत्रता, सुरक्षा और न्याय प्राप्त करने का अधिकार है। ऐसे मामलों में कार्य करते समय पीड़ित व्यक्ति की बात को गंभीरता से सुनना और तथ्यों की निष्पक्ष जानकारी प्राप्त करना बेहद आवश्यक है।

वक्ताओं ने मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले पदाधिकारियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत या मामले में जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय संबंधित पक्षों से जानकारी प्राप्त कर तथ्यों की जांच करना चाहिए। साथ ही संबंधित विभागों एवं सक्षम अधिकारियों के समक्ष मामले को उचित प्रक्रिया के तहत उठाने पर जोर दिया गया।
कार्यशाला में पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल संरक्षण सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मानव अधिकारों के विषयों पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि अलग-अलग विभागों से जुड़े मामलों में अधिकारों और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि जरूरतमंद लोगों को सही मार्गदर्शन मिल सके और उनके अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में सामने आने वाली समस्याओं और अनुभवों को साझा किया। विभिन्न जिलों से आए सदस्यों ने मानव अधिकारों से जुड़े मामलों में सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की तथा उनके समाधान के संबंध में अतिथियों से मार्गदर्शन प्राप्त किया।
कार्यशाला में यह संदेश भी दिया गया कि मानव अधिकारों के लिए काम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्षता, संवेदनशीलता, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए। किसी भी पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने की दिशा में कार्य करते समय कानून एवं निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।

कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को मानव अधिकारों के संरक्षण और जनजागरूकता के लिए निरंतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला में शामिल पदाधिकारियों ने भी मानव अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरतमंद लोगों को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
रायपुर में आयोजित इस प्रादेशिक कार्यशाला को छत्तीसगढ़ में मानव अधिकारों से जुड़े विषयों पर कार्य करने वाले पदाधिकारियों के लिए ज्ञानवर्धक, मार्गदर्शक एवं महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम के रूप में देखा गया।कार्यक्रम का सफल संचालन माननीय डॉ. जतिंदर पाल सिंह जी द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित करते हुए उपस्थित अतिथियों, पदाधिकारियों एवं सदस्यों का मार्गदर्शन किया।
उनके कुशल संचालन से कार्यशाला की सभी गतिविधियां निर्धारित क्रम में संपन्न हुईं।
डॉ. जतिंदर पाल सिंह जी ने कार्यशाला के दौरान वक्ताओं का परिचय कराया तथा विभिन्न सत्रों को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया। उन्होंने मानव अधिकारों के संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता, जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने डॉ. जतिंदर पाल सिंह जी के कुशल संचालन की सराहना की।














