
दुर्ग। लगातार आपराधिक गतिविधियों और पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों के बावजूद सुधार नहीं होने पर दुर्ग जिला प्रशासन ने मनीष माण्डले के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत 24 सितंबर 2026 को जिलाबदर का आदेश जारी किया है। आदेश के तहत मनीष माण्डले को दुर्ग समेत 7 जिलों की सीमाओं में एक वर्ष तक बिना अनुमति प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
पुलिस के अनुसार, थाना पुलगांव क्षेत्र के नागदेवता चौक, नगपुरा निवासी मनीष माण्डले के खिलाफ वर्ष 2013 से अब तक मारपीट के 6, छेड़छाड़ का 1 और आबकारी एक्ट का 1 प्रकरण दर्ज है। उसके खिलाफ लगातार आपराधिक गतिविधियों के चलते पुलिस द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई तथा उसे गुंडा बदमाश सूची में शामिल कर निगरानी भी रखी गई।
पुलिस के मुताबिक, पूर्व में भी जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग के आदेश दिनांक 12 नवंबर 2018 के तहत मनीष माण्डले के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बावजूद उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज होते रहे। वर्ष 2025 और 2026 में भी प्रतिबंधात्मक प्रकरणों में न्यायालय के समक्ष इस्तगासा प्रस्तुत किए गए।
8 आपराधिक प्रकरण दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मनीष माण्डले के खिलाफ वर्ष 2013 से 2025 के बीच कुल 8 प्रकरण दर्ज हैं। इनमें मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, तोड़फोड़, महिला से छेड़छाड़ तथा आबकारी एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं। वर्ष 2018 में महिला से छेड़छाड़ और धमकी का प्रकरण भी दर्ज किया गया था। वर्ष 2023 में आबकारी एक्ट तथा वर्ष 2025 में बीएनएस की धाराओं के तहत मारपीट संबंधी मामला दर्ज हुआ।

पुलिस ने प्रस्तुत किए दस्तावेज और साक्ष्य
जिलाबदर प्रकरण में थाना पुलगांव की ओर से आपराधिक चार्ट, जरायम सूची और संबंधित दस्तावेजों के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। अभियोजन साक्षियों को नोटिस जारी कर उनके कथन भी दर्ज किए गए। उपलब्ध अभिलेखों और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग ने 24 सितंबर 2026 को जिलाबदर का आदेश पारित किया।
7 जिलों में प्रवेश पर प्रतिबंध
आदेश के अनुसार मनीष माण्डले को दुर्ग, रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बालोद और धमतरी जिले की सीमाओं में बिना अनुमति प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। उसे आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर इन जिलों की सीमाओं से बाहर चले जाने तथा एक वर्ष की अवधि तक बिना अनुमति वापस प्रवेश नहीं करने को कहा गया है।
इस कार्रवाई में थाना पुलगांव के थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह संधू और चौकी नगपुरा के उप निरीक्षक खेलन सिंह साहू की भूमिका रही। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी व्यक्ति द्वारा लगातार मारपीट, धमकी, छेड़छाड़ या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।
















