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दुर्ग

जिला कार्यालयों में ई-गवर्नेंस को मिलेगा बल, कलेक्टर ने साझा किए ई-ऑफिस के लाभ

दुर्ग, । जिला कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली के सफल क्रियान्वयन को लेकर आज बी.आई.टी. ऑडिटोरियम में दो पालियों में प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न विभागों के विभाग प्रमुख, लिपिकों एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों ने भाग लिया। सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय के आदेशानुसार 1 अप्रैल 2025 से सभी विभागों को ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य करना अनिवार्य किया गया है।

प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर्स ने ई-ऑफिस के उपयोग, कार्य प्रणाली, लॉगिन से लेकर पत्र भेजने तक की प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से नोटशीट बनाकर, उसे अनुमोदन के लिए भेजकर, संबंधित अधिकारी की स्वीकृति के पश्चात पत्र जारी किया जा सकता है। ट्रेनर्स ने बताया कि यह संपूर्ण प्रक्रिया पेपरलेस होगी और कार्यालयीन कार्य प्रणाली पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।

कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान अपने विचार साझा करते हुए कहा कि शुरुआत में सभी को थोड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन एक बार प्रणाली शुरू हो जाने के बाद कार्य करना बेहद सरल और पारदर्शी हो जाएगा।

उन्होंने मसूरी में अपने प्रशिक्षण के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार अन्य राज्यों से आए अधिकारी ट्रेनिंग करने के बाद ई-ऑफिस के माध्यम से अपने ऑफिस के कार्य संपन्न कर लेते थे। उन्होंने यह भी कहा कि “कोर्ट जैसे तत्काल मामलों में ई-ऑफिस बहुत उपयोगी सिद्ध होगा, जिससे जरूरी फाइलों पर कार्यवाही तत्काल संभव हो सकेगी।

ई-ऑफिस प्रणाली से कार्यों में पारदर्शिता, समय की बचत और लंबित प्रकरणों में कमी आएगी। साथ ही अनावश्यक रूप से अधिकारियों और कर्मचारियों को अप्रुल के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। कलेक्टर ने कहा कि जैसे पहले टाइपराइटर से कार्य होता था, फिर कंप्यूटर आया, और अब सभी कंप्यूटर में काम करना पसंद करते हैं।

ठीक उसी तरह ई-ऑफिस भी धीरे-धीरे सभी को अपनाना होगा। यदि किसी विभाग में हार्डवेयर (कंप्यूटर, प्रिंटर, स्कैनर) या बजट की आवश्यकता है, तो उसका प्रस्ताव तैयार कर भेजें। साथ ही उन्होंने सभी से साधारण नस्ती से शुरुआत कर धीरे-धीरे पूरी प्रणाली को ई-ऑफिस में परिवर्तित करने की अपील की।

कलेक्टर ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से इस नई व्यवस्था को गंभीरता से अपनाने और मैनुअल प्रक्रिया को जल्द से जल्द समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी या व्यक्ति को ई-ऑफिस प्रणाली के इस्तेमाल में कोई दिक्कत आती है, तो वे संबंधित स्तर पर नियुक्त अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर जिला प्रशासन के समस्त अधिकारी उपस्थित थे।

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