ब्रेकिंग
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट दुर्ग में अंधे कत्ल का खुलासा: महिला की हत्या के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म की कोशिश नाकाम... सी.जी. सुपरफास्ट न्यूज़ के संपादक सुरेश गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को दी जन्मदिन की शुभकामना... राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 का भव्य आयोजन, नए शिक्षा सत्र का हुआ शुभारंभ
छत्तीसगढ़

धान घोटाले में बड़ी कार्रवाई: कोटा की हरिकिशन फूड्स राइस मिल सील, 7.47 करोड़ का धान जब्त

बिलासपुर : बिलासपुर जिले के कोटा विकासखंड में सरकारी धान की कस्टम मिलिंग व्यवस्था में गंभीर अनियमितता उजागर हुई है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए हरिकिशन फूड्स नामक राइस मिल को सील कर दिया और मिल परिसर से करीब 24 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया, जिसकी बाजार कीमत 7.47 करोड़ रुपये आंकी गई है।

सूत्रों के मुताबिक खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान समितियों से उठाए गए धान के परिवहन और भंडारण में भारी गड़बड़ी की आशंका सामने आई। शासन द्वारा लागू GPS आधारित ट्रैकिंग सिस्टम से मिले इनपुट के बाद प्रशासन सतर्क हुआ और मिल की औचक जांच कराई गई।

निरीक्षण में चौंकाने वाले तथ्य
जांच टीम को मौके पर निर्धारित मात्रा से हजारों क्विंटल कम धान मिला। रिकॉर्ड के अनुसार मिलर द्वारा करीब 27 हजार क्विंटल धान का उठाव किया गया था, लेकिन भौतिक सत्यापन में लगभग 2,900 क्विंटल धान का कोई सुराग नहीं मिला।

स्टॉक जब्त, मिल संचालन पर रोक
अनियमितता और धान की संभावित हेराफेरी को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने मिल में उपलब्ध पूरे धान स्टॉक को जब्त कर लिया और आगे की जांच पूरी होने तक राइस मिल को सील कर दिया गया है।

प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धान के रखरखाव और मिलिंग में लापरवाही या हेराफेरी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश के तहत दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ऐसी निगरानी और कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button