संस्कृति, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर संगोष्ठी का सफल आयोजन भिलाई निवास मे संपन्न

भिलाई : छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष भानु प्रताप यादव, बीएसपी अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ भिलाई अध्यक्ष विजय कुमार रात्रे एवं संगठन के भिलाई जिलाध्यक्ष चंदू लाल मरकाम के संयुक्त प्रयास से छत्तीसगढ सर्व समाज संगठन के बैनर तले भिलाई निवास, इंडियन कॉफी हाउस, भिलाई में सस्कृति, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विषय पर संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।
संगोष्ठी कार्यक्रम की अध्यक्षता संतकुमार केसकर, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ने किये। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर डी0पी 0देशमुख, प्रदेश मीडिया प्रभारी, छत्तीसगढ सर्व समाज संगठन उपस्थित थे। संगोष्ठी मे विषय विशेषज्ञों के रूप में डॉक्टर कृष्ण कुमार पाटिल, डॉक्टर श्रीमती नीतू साहू एवं डॉक्टर कामता साहू उपस्थित थे।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मान श्री संतकुमार केसकर ने छत्तीसगढ सर्व समाज सगठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए संगोष्ठी के विषय के संबंध में विस्तार से चर्चा किये। उन्होने बताया कि हमारे महापुरूषों के द्वारा बताये गये ‘आचार-विचार, जिनका हम अपने जीवन में अनुसरण करने लगते हैं वहीं समाज में सस्कृति के रूप में स्थापित हो जाती है। संस्कृति हमारी जीवन शैली को दर्शाती है। मान डॉ. डी. पी देशमुख, ने अपने उदबोधन में कहा कि संगोष्ठी में संस्कृति, शिक्षा एवं स्वास्थ्य का विषय लिया गया है। यह हम सभी के हितार्थ बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। हमें अपने लोगों के बीच शिक्षा, समानता, सकारात्मक सोच, सामाजिक न्याय को अपनाते हुए आपसी भेदभाव को त्यागकर सामूहिक रूप से पारस्परिक सहयोग एवं सम्मान की भावना विकसित करना है। यही हमारा उद्देश्य होना चाहिए, तभी हम छत्तीसगढियों के बीच स्वस्थ सामाजिक एकता स्थापित कर सकेंगे।
कार्यक्रम में डॉ. कृष्ण कुमार पाटिल ने छत्तीसगढी संस्कृति पर प्रभावशाली उदबोधन दिये। उन्होनें बताया कि हमारी छत्तीसगढी सस्कृति कितनी पवित्र, सरल, सहज और सम्मान भरा है। हमें गीत, संगीत और संस्कृति के नाम पर फूहड़ता से बचना चाहिए। डॉ. श्रीमती नीतू साहू ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश उन्होने कहा कि हम शिक्षित तो हो रहे हैं परंतु संस्कार प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। अतः हमे शिक्षा के साथ-साथ संस्कार पर भी ध्यान देना होगा। डॉ. कामता साहू ने स्वास्थ्य पर उदबोधन देते हुए कहा कि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन निवास करता है। इसलिए पहले तन को स्वस्थ रखना जरूरी है इसके लिए हमे प्रातकाल टहलना, योग करना, फास्ड फूड जैसे चीजों से परहेज करना जरूरी है। यदि हम स्वस्थ रहेंगे तो हम स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकेंगे।
संगोष्ठी में उपस्थित शुधि श्रोताओं से फीडबैक लिया गया, लोगों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दियें। कार्यक्रम में संत कुमार केसकर, डॉ डी पी देशमुख, डॉ के के पाटील, डॉ कामता साहू, डॉ नीतू साहू, अनुरूप साहू, अनिल कुमार खेलवार, भानु प्रताप यादव, भोज राम डड़सेना, बेनीराम बघेल, गैंदलाल राय, छत्तर राम साहू, वेद प्रकाश सूर्यवंशी, राकेश कुमार साहू, घनश्याम कुमार देवांगन, चंदूलाल मरकाम, जीवन सिन्हा, प्रेमलाल सिन्हा, तामेश्वर देवांगन, विनोद कुमार खेलवार, मधुर लाल देवांगन, लक्ष्मण सिंह साहू, सी एल जोशी, संत ज्ञानेश्वर गायकवाड, वेद प्रकाश पटेल, कालिदास बघेल, हिवेंद्र कुमार साहू, सुखदेव कुमार साहू, श्रीमती जयंती साहू, हेमंत सिन्हा, डोमेन्द्र सिन्हा, गायत्री सिन्हा, प्रदीप कश्यप आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार रात्रे ने किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री अनिल कुमार खेलवार, वेद प्रकाश सूर्यवंशी, बेनीराम बघेल ने अहम भूमिका निभाई।










