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राज्यसभा से पारित हुआ राष्ट्रीय सम्मान संशोधन विधेयक, ‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर 3 साल तक की सजा का प्रावधान

नई दिल्ली। राज्यसभा ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित कर दिया है। इस संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी कानूनी संरक्षण मिल जाएगा। कानून लागू होने के बाद यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करता है या इसके गायन में बाधा डालता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है।

सदन में विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह केवल एक कानूनी संशोधन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना, स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और 140 करोड़ देशवासियों की राष्ट्रीय भावना का सम्मान है। उन्होंने बताया कि 1971 के मूल कानून में केवल संविधान, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगान के अपमान पर दंड का प्रावधान था, जबकि नए संशोधन के माध्यम से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी समान वैधानिक सुरक्षा प्रदान की गई है।

भाजपा सांसद विनोद तावड़े ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश की आजादी के आंदोलन की प्रेरणा रहा है और इसका सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन भारत के सांस्कृतिक गौरव को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चर्चा के दौरान गृह राज्य मंत्री ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस गीत की रचना 1875 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान यह गीत क्रांतिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। उन्होंने यह भी बताया कि 15 अगस्त 1947 को आजादी की पहली सुबह ऑल इंडिया रेडियो से पंडित ओंकारनाथ ठाकुर ने ‘वंदे मातरम्’ का सजीव गायन किया था, जबकि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने इसके ऐतिहासिक महत्व को राष्ट्रगान के समकक्ष बताया था।

विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, वाईएसआरसीपी के सांसद गोल्ला बाबूराव, बीजेडी की सुलता देव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और एआईएडीएमके के डॉ. एम. थंबीदुरई सहित कई सांसदों ने अपने विचार रखे।

गौरतलब है कि ‘राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971’ राष्ट्रीय ध्वज, संविधान, राष्ट्रीय मानचित्र और राष्ट्रगान के अपमान को अपराध मानता है। नए संशोधन के बाद राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी इस कानून के दायरे में शामिल कर लिया गया है। इससे अब इसके जानबूझकर किए गए अपमान पर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान लागू होगा।

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