
दुर्ग। गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी की अहम भूमिका एक बार फिर सामने आई है। दुर्ग के मोहननगर थाना क्षेत्र के पॉक्सो एवं हत्या-बलात्कार प्रकरण में आरोपी सोमेश यादव को मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद विशेष लोक अभियोजक श्रीमती रूपवर्षा दिल्लीवार को सम्मानित किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, दुर्ग द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर न्यायालयीन प्रक्रिया में उनके योगदान की सराहना की गई।
29 गवाहों के बयान और 114 दस्तावेज बने अहम
यह मामला थाना मोहननगर के अपराध क्रमांक 133/2025 और विशेष प्रकरण क्रमांक 44/2025 से संबंधित है। प्रकरण में विशेष लोक अभियोजक रूपवर्षा दिल्लीवार ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान कुल 29 गवाहों के साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराए गए। इसके अलावा अभियोजन पक्ष की ओर से 114 महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं प्रदर्श भी पेश किए गए।
प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष के तर्कों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ पॉक्सो कोर्ट, दुर्ग ने 10 सितंबर 2026 को आरोपी सोमेश यादव को विभिन्न धाराओं के तहत दंडित किया।

तीन धाराओं में सुनाई गई सजा
न्यायालय के निर्णय के अनुसार आरोपी को निम्नलिखित सजा सुनाई गई:
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धारा 6, पॉक्सो एक्ट: मृत्युदंड और 5,000 रुपये का अर्थदंड।
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धारा 103(1), भारतीय न्याय संहिता (BNS): मृत्युदंड और 5,000 रुपये का अर्थदंड।
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धारा 238(क), भारतीय न्याय संहिता (BNS): 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1,000 रुपये का अर्थदंड।
विवेचना में इन अधिकारियों की रही भूमिका
इस गंभीर प्रकरण की विवेचना में उप निरीक्षक पारस सिंह ठाकुर और निरीक्षक शिव प्रसाद चंद्रा की भूमिका रही। प्रभावी अभियोजन पैरवी और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान के लिए विशेष लोक अभियोजक रूपवर्षा दिल्लीवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बच्चों के खिलाफ अपराध की सूचना तत्काल देने की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि बच्चों के विरुद्ध किसी भी अपराध की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान और गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। पुलिस ने लोगों से कानून के अनुरूप कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की है।
















