ब्रेकिंग
अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार दुर्ग में 27 लाख की हार्वेस्टर धोखाधड़ी का खुलासा, अधिकृत डीलर गिरफ्तार दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्यवाही रू 15 टन से अधिक कोयला जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत निगम का जागरूकता अभियान तेज वॉल पेंटिंग और जनसहभागिता से सुंदर बन ... जिला स्काउट्स एवं गाइड्स ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया हर दीवार दे रही स्वच्छता का संदेश, रंगों में बस रही शहर की नई पहचान,
छत्तीसगढ़

30 राज्यों के खिलाड़ी पहुंचेंगे रायपुर, खेलो इंडिया जनजातीय खेल 2026 की तैयारियां शुरू

रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का शानदार शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में जनजातीय परंपराओं, संस्कृति और खेल प्रतिभा का अनूठा संगम देखने को मिला। इस अवसर पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

हर साल छत्तीसगढ़ में होगा आयोजन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बड़ी घोषणा की कि अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन हर साल किया जाएगा और इसकी स्थायी मेजबानी छत्तीसगढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

देशभर से पहुंचे खिलाड़ी

इस खेल महोत्सव में 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के करीब 2500 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिताएं कुल 9 खेल विधाओं में आयोजित की जा रही हैं। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलने वाला यह आयोजन केवल रायपुर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरगुजा और बस्तर में भी विभिन्न मुकाबले होंगे।

कार्यक्रम में दिलीप तिर्की और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू की मौजूदगी ने खिलाड़ियों का उत्साह और बढ़ा दिया।

‘नुआबाट’ से बदल रही जिंदगी की दिशा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने बताया कि राज्य में चलाए जा रहे ‘नुआबाट’ (नई राह) अभियान के तहत आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली भी मुख्यधारा में लौटकर खेल गतिविधियों से जुड़ रहे हैं।

खेलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ भी शुरू किया है, जिसके जरिए खेल अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है।

खेल विश्वविद्यालय की मांग

समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना और अंबिकापुर तथा बिलासपुर में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा। केंद्रीय मंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक संकेत दिए।

यह आयोजन न केवल खेल प्रतियोगिता है, बल्कि जनजातीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का एक बड़ा अवसर भी माना जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button