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रायपुर

युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या: रायपुर प्रेस क्लब ने उठाई न्याय की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में युवा पत्रकार मुकेश चंद्राकर की नृशंस हत्या ने पत्रकारिता जगत को झकझोर कर रख दिया है।

इस घटना को लेकर रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

निष्पक्ष पत्रकारिता बनी जान की कीमत

रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव डॉक्टर वैभव शिव पांडेय ने गृह मंत्री से बातचीत में कहा कि मुकेश चंद्राकर ने बीजापुर में भ्रष्टाचार के कई मामलों को उजागर किया था|

जिससे उनकी निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता के चलते उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।

उन्होंने बताया कि इस जघन्य घटना ने न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के पत्रकारिता जगत में आक्रोश और शोक की लहर पैदा कर दी है।

पत्रकारों को मिल रही धमकियां

प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने गृह मंत्री को यह भी अवगत कराया कि रायपुर प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष संदीप शुक्ला को गरियाबंद में भ्रष्टाचार के एक मामले को उजागर करने के बाद वन विभाग के एक अधिकारी ने जान से मारने की धमकी दी है।

महासचिव ने कहा, “ऐसी धमकियां प्रदेश के पत्रकारों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय हैं।

समय-समय पर पत्रकारों को इस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।”

गृह मंत्री ने दिया आश्वासन

गृह मंत्री विजय शर्मा ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और जल्द ही एक सुरक्षा नीति तैयार करने का संकेत दिया।

पत्रकारिता पर सवालिया निशान

यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में पत्रकारिता को सुरक्षित माहौल देने की आवश्यकता है।

पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और समाज को मिलकर कदम उठाने होंगे।

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