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छत्तीसगढ़

खैरागढ़-छुईखदान का प्राकृतिक सौंदर्य देख मंत्रमुग्ध हुए भिलाई के सैलानी

भिलाई। यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया (वाईएचएआई) भिलाई इकाई की ओर से खैरागढ़ छुईखदान क्षेत्र में एक दिवसीय नेचर स्टडी प्रोग्राम का आयोजन किया गया। आयोजन में कुल तीस सदस्यों ने पिपरिया बाँध छिन्दारी कला,बुजबुजी महादेव मन्दिर टोपा मड़वा भांठा और बेताल रानी घाटी का सौन्दर्य अवलोकन किया।

भिलाई इकाई के प्रेसिडेंट ऋषि कांत तिवारी एवं चेयरमैन के. सुब्रमण्यम ने बताया कि पिपरिया बाँध छिन्दारी कला इन दिनों पेंटेड स्टॉर्क, नॉदर्न शावलर, यूरेशियन कर्ल्यू, कॉमन पोचार्ड, जलकुकरी, बतख,लालसर और धन चिरई जैसे सैकड़ों प्रजातियों की हजारों प्रवासी पक्षियों से गुलजार है। यहां विभिन्न प्रकार के जलीय पक्षियों को देखकर सदस्य भी बेहद प्रसन्न हुए।

भिलाई इकाई उपाध्यक्ष सुधीर अवधिया एवं सचिव सुबोध देवाँगन ने बताया कि प्राकृतिक सौन्दर्य का आनन्द उठाने अगला पड़ाव बुजबुजी महादेव मन्दिर टोपा मड़वा भांठा रहा। यहाँ एक कुंड है जिसमें से पानी के बुलबुले भूगर्भ से बाहर निकल रहे हैं। भूगोल की भाषा में यह एक पाताल तोड़ कुँआ है जिसमें से लगातार जल के बुलबुले फूट रहे हैं।

नेचर स्टडी प्रोग्राम का सर्वाधिक रोमांचक और आकर्षक पड़ाव बेताल रानी घाटी रहा। इसमें हेयर पिन पैटर्न पर कुल सत्रह मोड़ हैं। यह घाटी छुईखदान से 25 किमी दूर देवरचा और बकरकट्टा के बीच है । यहाँ चारों ओर पेड़ पौधों की हरियाली और ऊँचे ऊँचे पहाड़ पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। तीव्र ढलान और 360 डिग्री मोड़ वाले रोमांचक मार्ग इसे एक बेहतरीन पर्यटन स्थल बनाते हैं।

दुर्ग भिलाई से 100 किमी दूर राजेश मिश्रा एवं प्रतिभा मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न इस नेचर स्टडी प्रोग्राम में डॉ. कमल साहू, ममता साहू, निखिल त्रिपाठी, काशवी त्रिपाठी, शैलेन्द्र शर्मा, ऋषभ शर्मा, हरदेव सिंह गिल, मंजीत कौर गिल, बलबीर कौर,

डॉ. जयप्रकाश साव, भारती साव, संजय साहू, सुलेखा साहू, राजेश मराठे, शिल्पा मराठे, कल्पना अवधिया, श्वेता तिवारी, सतानन्द तिवारी, संतोष गायकवाड, राजेश पण्डित, राज शुक्ला और गोपी यादव का सराहनीय योगदान रहा।

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